मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

चंद्रपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बाघ के हमले में तीन महिलाओं की मौत हो गई तथा एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना सिंदेवाही शहर से तीन किलोमीटर दूर मेंधा-माल गांव के पास घटी। इन महिलाओं के शव इसी गांव के जंगल में पाए गए। जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंदेवाही शहर के समीप मेंढा-माल गांव की महिलाएं तेंदू पत्ता इकट्ठा करने के लिए गांव के समीप जंगल में गई थीं। इसी दौरान एक बाघ ने इन महिलाओं पर हमला कर दिया और उन्हें मार डाला। इस हमले में कांताबाई चौधरी (५५), उनकी बहू शुभांगी चौधरी (३०) और सारिका शेंडे (५०) की मौत हो गई। हमले में एक अन्य महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हमले के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और बाघ को तुरंत पकड़ने की मांग की। अब वन अधिकारियों ने इस बाघ को शांत करने और उसे कैद करने के लिए पूरे क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगा दिया हैं। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और वन क्षेत्र में प्रवेश न करने की चेतावनी दी है।
वन अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को २५,००० रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। पिछले 33 वर्षों में अकेले महाराष्ट्र में जंगली जानवरों के हमलों में २२५ से अधिक लोग मारे गए हैं।


