रवीन्द्र मिश्रा/मुंबई वार्ता

दक्षिण मुंबई के चंद्रमौलेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को घी से कमल का फूल बना कर भगवान शिव की पूजा होती है । इस पूजा को घी कमल पूजा कहा जाता है इस दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होती है ।


चंद्र मौलेश्वर महादेव मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव बताते हैं कि सनातन धर्म के संवर्धन के लिए यहां के जमींदार परिवार की एक महिला शिवभक्त देक्कोर बाई ने इस मंदिर का 136 वर्ष पहले निर्माण करवाया था ।उस समय अपने देश में ब्रिटिश हुकूमत थी। मंदिर में कोई भी पर्व शुरू होता था तो पहले पुलिस मंदिर में पूजा करती थी उसके बाद दूसरे भक्त ।यह परंपरा आज भी जारी है । क्यों कि यह मंदिर वी पी रोड पुलिस स्टेशन के पास स्थापित है ।
मंदिर पुजारी पंडित सुजीत झा के अनुसार इस मंदिर में श्री गणेश, हनुमान जी, शनि देव, सांई बाबा आदि की मूर्तियां स्थापित हैं । इसलिए मंदिर में हमेशा भक्तों का चहल-पहल लगा रहता है । वैसे तो प्रत्येक श्रावण सोमवार को मंदिर में घी कमल पूजा से भगवान का श्रृंगार किया जाता है लेकिन अंतिम सोमवार को मंदिर प्रांगण में बर्फ़ से द्वादश ज्योतिर्लिंग बनाया जाता है जो शिव भक्तों के आकर्षण का केंद्र होता है ।
ट्रस्टी रमेशचंद्र मेहता, मिहिर मेहता, तथा हीना मेहता की टीम द्वारा संचालित इस मंदिर में समय-समय पर सभी देवी देवताओं के उत्सव मनाएं जाते हैं । गणेशोत्सव के दौरान इस मंदिर का महत्व उस समय बढ़ जाता है जब लालबाग के राजा विसर्जन के समय यहां आकर विश्राम करते हैं ।


