श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में नशे के कारोबार को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जहां ड्रग्स माफिया युवाओं को आकर्षित करने के लिए गोलियों पर मर्सिडीज, ऑडी और एप्पल जैसे ब्रांडेड लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं।


जानकारी के अनुसार, नेस्को ड्रग्स पार्टी मामले के बाद यह सामने आया कि कॉन्सर्ट और रेव पार्टियों के जरिए संगठित गिरोह खासतौर पर ‘जेनरेशन Z’ को निशाना बना रहे हैं। एमडीएमए (एक्स्टसी) और एलएसडी जैसे नशीले पदार्थों को रंग-बिरंगी और आकर्षक गोलियों के रूप में तैयार कर उन पर मशहूर कंपनियों और कार्टून के चिन्ह लगाए जा रहे हैं, ताकि युवा आसानी से इनके जाल में फंस जाएं।


पुलिस जांच में टिटवाला इलाके से पकड़े गए एक ड्रग्स सप्लायर के घर से ऐसी गोलियां बरामद हुईं, जिन पर अलग-अलग रंगों के साथ मर्सिडीज, ऑडी और एप्पल जैसे लोगो बने थे। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रतीकों का इस्तेमाल युवाओं को ‘कूल’ और ‘प्रीमियम’ का भ्रम देने के लिए किया जाता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन लोगो का ड्रग्स की गुणवत्ता या शुद्धता से कोई संबंध नहीं होता। एक ही चिन्ह वाली गोलियों में अलग-अलग मात्रा में खतरनाक रसायन हो सकते हैं, जिससे जान का जोखिम भी बढ़ जाता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि एलएसडी जैसे नशीले पदार्थ विदेशों, खासकर अमेरिका से कूरियर के जरिए भारत लाए जा रहे हैं। मुंबई के अलावा गोवा और मनाली जैसे स्थान इस नेटवर्क के प्रमुख केंद्र बताए गए हैं।
पुलिस और अमली पदार्थ विरोधी विभाग ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और अब बड़े आयोजनों व कॉन्सर्ट में सिविल स्क्वॉड की तैनाती की जा रही है, ताकि ऐसे रेव पार्टियों और ड्रग्स सप्लाई पर रोक लगाई जा सके।


