मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की मध्य रेलवे की लोकल सेवाएं सोमवार को गंभीर तकनीकी खराबी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुईं। कांजूरमार्ग रेलवे स्टेशन के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के रिले कक्ष में आग लगने की घटना और मुलुंड-ठाणे के बीच ओवरहेड बिजली तार से जुड़ी समस्या के कारण लोकल ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। सुबह से शुरू हुई इस परेशानी के चलते यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें रास्ते में रुक गईं, जबकि अनेक लोकल निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं।


■ कांजूरमार्ग में सिग्नल व्यवस्था ठप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह कांजूरमार्ग स्टेशन के पास सिग्नल व्यवस्था में गंभीर खराबी सामने आई। रिले कक्ष में आग लगने से सिग्नल प्रणाली प्रभावित हुई और कांजूरमार्ग से विक्रोली तथा भांडुप के बीच ट्रेनों के परिचालन में बाधा उत्पन्न हुई। सिग्नल काम नहीं करने के कारण रेलवे प्रशासन को ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित करनी पड़ी।इसका असर मध्य रेलवे की धीमी और तेज, दोनों लाइनों पर पड़ा। अप और डाउन दिशा की लोकल सेवाओं के साथ-साथ लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। रेलवे कर्मचारी खराबी दूर करने और सिग्नल व्यवस्था को दोबारा चालू करने में जुटे रहे।
■ मुलुंड-ठाणे के बीच ओवरहेड तार से दूसरी परेशानी
लोकल सेवाओं में व्यवधान की दूसरी वजह मुलुंड और ठाणे स्टेशन के बीच डाउन धीमी लाइन के ओवरहेड बिजली उपकरण पर किसी बाहरी तार का लटकना था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह करीब 10 बजे बिजली आपूर्ति बंद कर मरम्मत का काम शुरू किया गया। इस काम को सुबह लगभग 10 बजकर 48 मिनट पर पूरा कर लिया गया और संबंधित मार्ग पर परिचालन फिर शुरू किया गया। हालांकि, कांजूरमार्ग क्षेत्र में सिग्नल प्रणाली की खराबी के कारण ट्रेनों की आवाजाही सामान्य नहीं हो सकी।
■ पटरियों पर खड़ी रहीं ट्रेनें, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
तकनीकी खराबी के कारण कई लोकल ट्रेनें रास्ते में काफी देर तक खड़ी रहीं। कुछ यात्रियों के अनुसार, ट्रेनें लंबे समय तक रुकी रहने के कारण यात्रियों को उतरकर पटरियों के किनारे पैदल आगे बढ़ना पड़ा। स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा अन्य यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोकल ट्रेनें 30 से 35 मिनट और कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें 40 से 45 मिनट तक की देरी से चल रही थीं। कुछ स्थानों पर देरी इससे भी अधिक रही।
■ वैकल्पिक व्यवस्था से चलाया गया ट्रेनों का परिचालन
सिग्नल प्रणाली में खराबी के बावजूद ट्रेनों की आवाजाही जारी रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने विशेष अनुमति और वैकल्पिक परिचालन प्रक्रियाओं का सहारा लिया। विक्रोली और भांडुप के बीच निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत ट्रेनों को चलाया गया। रेलवे कर्मचारी सिग्नल व्यवस्था बहाल करने और रिले कक्ष में हुई घटना के कारणों की जांच की तैयारी में जुटे रहे।
■ रात तक सामान्य हो सकता है परिचालन
तकनीकी खराबी के कारण मध्य रेलवे का समय-सारिणी पूरी तरह प्रभावित हो गई। सिग्नल प्रणाली को ठीक करने के लिए केबल बदलने और अन्य मरम्मत कार्यों में अतिरिक्त समय लगने की आशंका जताई गई थी। इसी वजह से सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने में रात तक का समय लगने की संभावना व्यक्त की गई।हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में परिचालन पूरी तरह सामान्य होने का कोई निश्चित समय नहीं दिया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मध्य रेलवे की आधिकारिक सूचनाओं की जांच करें और अतिरिक्त समय लेकर निकलें।इस तकनीकी गड़बड़ी ने एक बार फिर मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था पर निर्भर लाखों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह के व्यस्त समय में हुई इस घटना का असर दिनभर ट्रेनों के परिचालन और स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ पर पड़ने की आशंका रही।


