मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नवनियुक्त लोकसभा प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्षों की विभागवार बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत कोकण विभाग की बैठक बुधवार, 4 नवंबर 2026 को मुंबई के दादर स्थित तिलक भवन में आयोजित की जाएगी। वहीं, उत्तर महाराष्ट्र विभाग की बैठक गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को नासिक में होगी। अन्य विभागों की बैठकों की तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी।


महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में लोकसभा, विधानसभा और जिला स्तर पर विभिन्न पदाधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन सभी पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों के साथ होने वाली बैठकों में संगठनात्मक कामकाज, जिम्मेदारियों और पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस ने बताया कि सभी नवनियुक्त प्रभारियों को उनकी जिम्मेदारियों और उनसे अपेक्षित कार्यों के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जल्द ही भेजी जाएगी। इसके माध्यम से प्रत्येक पदाधिकारी के कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों और कामकाज से जुड़ी अपेक्षाओं को स्पष्ट किया जाएगा।तीन महीने बाद होगी कामकाज की समीक्षाकांग्रेस ने प्रभारियों के कामकाज की नियमित निगरानी की योजना भी बनाई है।
सभी प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा तीन महीने बाद की जाएगी। इस दौरान उनके प्रदर्शन और संगठनात्मक कार्यों का आकलन किया जाएगा। समीक्षा के आधार पर प्रभारियों की सूची में आवश्यक बदलाव भी किए जा सकते हैं।प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद तथा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने योजनाबद्ध तरीके से काम करने की रूपरेखा तैयार की है।
पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना, पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करना और राज्य में कांग्रेस के संगठन को फिर से मजबूत करना है। प्रदेश कांग्रेस ने इसी क्रम में पार्टी को पुराने गौरवशाली दौर में वापस ले जाने का संकल्प व्यक्त किया है।आगामी विभागवार बैठकों को इसी संगठनात्मक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। इन बैठकों के जरिए प्रभारियों और जिलाध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कामकाज की दिशा तय करने पर जोर दिया जाएगा।


