मुंबई वार्ता संवाददाता

बेघर, प्रवासी और स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सिग्नल स्कूल’ नामक एक अनोखी पहल की शुरुआत मुंबई में की गई है। चेंबूर के अमर महल इलाके में सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड फ्लाईओवर के नीचे इस स्कूल का उद्घाटन मुंबई की महापौर रितू तावडे के हाथों हुआ।


इस मौके पर महापौर ने कहा कि “सिग्नल स्कूल जैसे रचनात्मक और सामाजिक उपक्रमों को समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलना चाहिए। सड़क किनारे या फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन यह उनके भविष्य को बदलने की ताकत रखता है।”


यह स्कूल मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय के आर्थिक सहयोग, बृहन्मुंबई महानगरपालिका के समर्थन और ‘समर्थ भारत व्यासपीठ’ संस्था के संचालन में शुरू किया गया है। इससे पहले ठाणे और नेरुल में इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।


उद्घाटन के बाद महापौर और अन्य गणमान्य लोगों ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। यहां बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण, लघु उद्योग प्रशिक्षण, पाककला, रोबोटिक्स लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर शिक्षा जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा विशेष शिक्षण पद्धति पर आधारित गतिविधि पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
महापौर ने आगे कहा कि मुंबई में फ्लाईओवर के नीचे और ट्रैफिक द्वीपों के पास रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए महानगरपालिका व्यापक सर्वेक्षण करेगी। इसके आधार पर शहर में ऐसे और स्कूल शुरू करने की योजना बनाई जाएगी। साथ ही, बारिश के मौसम में स्कूल के सुचारू संचालन के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए।
उप आयुक्त (शिक्षा) डॉ. प्राची जांभेकर ने बताया कि इस स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण, तकनीकी ज्ञान और मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे उनका समग्र विकास संभव हो सके। आगे चलकर इन बच्चों को महानगरपालिका के नियमित स्कूलों में शामिल किया जाएगा।
समर्थ भारत व्यासपीठ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भटू सावंत ने कहा कि महानगरों में रोज़गार की तलाश में आए भटके और वंचित परिवारों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए यह पहल बेहद जरूरी है। जिला नियोजन निधि से मिले आर्थिक सहयोग के कारण इस स्कूल की स्थापना संभव हो सकी।
इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


