श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय द्वारा 11 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 11 बजे प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्य मंदिर में ‘जिसका विठ्ठल’ नामक विशेष चित्र-संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पंढरपुर वारी की भक्ति, संत परंपरा और चंद्रभागा तट के आध्यात्मिक वातावरण को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।


कार्यक्रम का उद्देश्य महाराष्ट्र की समृद्ध वारकरी परंपरा, संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और अन्य संतों के विचारों के साथ-साथ भक्ति, समता, मानवता और सामाजिक एकता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
इस प्रस्तुति का लेखन डॉ. समीर कुलकर्णी ने किया है, जबकि निर्देशन अमित वझे का है। संगीत संयोजन जयदीप वैद्य और निनाद सोलापुरकर ने किया है। प्रसिद्ध चित्रकार मिलिंद मुलीक की चित्रकला और सुजय भडकमकर की प्रकाश व्यवस्था कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान करेगी।


कार्यक्रम में अंजली मराठे, गजानन परांजपे, अमित वझे, पार्थ उमराणी, केतन पवार, स्वप्नील भावे, ओंकार जोशी, शौनक कुलकर्णी और मधुराणी गोखले अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चित्र, संगीत, कथावाचन और रंगमंचीय अभिव्यक्ति के माध्यम से दर्शकों को पंढरपुर वारी, हरिनाम संकीर्तन और विठ्ठल भक्ति का भावपूर्ण अनुभव कराया जाएगा।
यह कार्यक्रम राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के निदेशक श्रीराम पांडे ने संगीत प्रेमियों, वारकरी परंपरा के अध्येताओं, कला प्रेमियों और नागरिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस विशेष चित्र-संगीतमय कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की है।


