मुंबई वार्ता संवाददाता

कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका के बाद अब ठाणे महानगरपालिका में भी शिवसेना (शिंदे) ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है। ठाणे महानगरपालिका चुनाव से पहले पार्टी को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है, जहां उसके सात उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसे ठाणे की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।


ठाणे महानगरपालिका चुनाव के लिए आगामी 15 जनवरी को मतदान होना है। चुनावी प्रक्रिया के तहत कुल 1107 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे, जिनमें से जांच के दौरान 99 नामांकन रद्द कर दिए गए। एक जनवरी को 27 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए, जिसके बाद चुनावी मैदान में 891 उम्मीदवार शेष रह गए थे।नाम वापसी के अंतिम दिन 2 जनवरी को कई प्रत्याशियों ने पर्चे वापस ले लिए। इसका सबसे अधिक लाभ शिवसेना (शिंदे) को मिला।
वागले एस्टेट और वर्तकनगर क्षेत्रों में पार्टी के सात उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। ये सभी क्षेत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के प्रभाव वाले माने जाते हैं। कुछ अन्य वार्डों में भी निर्विरोध चुनाव कराने के प्रयास किए गए, हालांकि वहां पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।वागले एस्टेट के वार्ड क्रमांक 18 से जयश्री फाटक, सुखदा मोरे और राम रेपाले निर्विरोध निर्वाचित हुए। सावरकरनगर के वार्ड क्रमांक 14 से शिवसेना की शीतल ढमाले ने बिना मुकाबले जीत दर्ज की।
किसन नगर के वार्ड क्रमांक 17 से एकता भोईर और वर्तकनगर के वार्ड क्रमांक 5 से जयश्री डेविड तथा सुलेखा चव्हाण भी निर्विरोध विजयी रहीं।एक साथ सात उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत ने ठाणे में शिंदे गुट की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत कर दिया है। मतदान से पहले यह घटनाक्रम सियासी संकेतों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


