मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि यह सद्भावना भेंट थी, जिसमें उनके साथ शिवसेना के छह सांसद भी मौजूद थे। बैठक में मुख्य रूप से इन सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों पर चर्चा हुई।


मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा, “यह एक सद्भावना मुलाकात थी। हमारे छह सांसद भी साथ थे और उनके लोकसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।” संसद के आगामी मानसून सत्र पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “आज बारिश हुई है, इसलिए मानसून सत्र भी अच्छा रहेगा।”
उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्व यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में कॉमनवेल्थ, चारा और कोयला जैसे कई बड़े घोटाले हुए थे। जनता ने इन्हीं कारणों से यूपीए सरकार को सत्ता से हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को चुना। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 32 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, जबकि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि यदि उनकी पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है तो यह स्वागत योग्य कदम होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति में है और उसके नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
शिंदे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुके हैं कि परिसीमन के तहत सीटों में बढ़ोतरी सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगी, न कि केवल भाजपा या एनडीए शासित राज्यों में। उन्होंने विपक्ष पर केवल विरोध के लिए विरोध करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि विपक्ष को यह एहसास हो गया है कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का विरोध जनता को पसंद नहीं आएगा, तो उन्हें दोनों विधेयकों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक दोनों संसद से पारित होंगे।
शिवसेना में छह सांसदों के शामिल होने के मुद्दे पर शिंदे ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान और कानून के अनुरूप पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के समर्थन के साथ सभी कानूनी और संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। सांसदों ने लिखित आवेदन, ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सहित सभी जरूरी दस्तावेज लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत का महत्व होता है और इन छह सांसदों के शामिल होने से शिवसेना की ताकत और बढ़ी है। शिंदे ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया स्थापित संसदीय और विधायी नियमों के तहत पूरी तरह वैध तरीके से संपन्न की गई है।


