मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने “देवाभाऊ” की उपाधि लगाकर अपनी प्रसिद्धि के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। लेकिन इन पोस्टरों पर छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र प्रतिमा है, इसका ध्यान रखकर कम से कम उन्हें उचित स्थान पर लगाया जाना चाहिए था। प्रभादेवी रेलवे स्टेशन की गली में लगाए गए पोस्टरों के नीचे कचरा, गंदगी और अस्वच्छता दिखाई दे रही है तथा लोग उन पोस्टरों पर थूक रहे हैं।


अपनी प्रसिद्धि पाने की लालसा के कारण महाराष्ट्र के आराध्य दैवत का अपमान हो रहा है, ऐसा गंभीर आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया है।


इस संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि, देवेंद्र फडणवीस, आपकी प्रसिद्धि पाने की लालसा के कारण महाराज का ऐसा अपमान क्यों किया जा रहा है? जहाँ लोग थूकते हैं, कचरा फेंकते हैं, वहाँ पोस्टर लगाकर महाराज की प्रतिमा का अपमान करने का अधिकार आपको किसने दिया? क्या यह जानबूझकर किया गया है?
उन्होंने कहा कि आर.एस.एस. और भाजपा के नेताओं ने जिस प्रकार बार-बार छत्रपति शिवाजी महाराज का जानबूझकर अपमान किया है, उसे देखते हुए यह भी जानबूझकर किया गया होगा, ऐसी संभावना नकारा नहीं जा सकती।सपकाल ने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के दैवत हैं, उनकी प्रतिमा को कचरे के ढेर के पास लगाना पूरे महाराष्ट्र का अपमान है।
महाराष्ट्र और शिवप्रेमी जनता यह अपमान कभी सहन नहीं करेगी। अपनी कुर्सी बचाने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज का इस्तेमाल करने वाले देवेंद्र फडणवीस को जनता से सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए, ऐसा भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


