डाॅ धीरज फूलमती सिंह/स्तंभकार/मुंबई वार्ता

तब मै मुंबई के बांद्रा पूर्व में खेरवाडी म्युनिसिपल स्कूल मे पढता था,यही कोई 11-12 साल का छठी या सातवी कक्षा मे रहा होऊंगा। मै बाद्रा की ही मुस्लिम झोपड पट्टी भारत नगर में रहता था। भारत नगर से खेरवाडी स्कूल रोज लगभग तीन किलोमीटर पैदल ही स्कूल आता जाता था। सुबह 7.30 की स्कूल दोपहर 12.30 बजे छुटती थी।… एक दिन स्कूल से आते समय मैने देखा कि मुर्गियो से लदा एक ट्रक खेरवाडी सिग्नल के पास ही हाईवे पर पलट गया, हाईवे के आसपास रहने वाले क्या अमीर,क्या गरीब ? लोगो के लिए जैसे “बिल्ली के भाग छिंके फूटे”…दौड दौड कर मुर्गियां निकाल निकाल कर भागने लगे..न किसी को पलटे हुए ट्रक के ड्रायवर की फिक्र,ना ही क्लिनर की फिक्र। वे घायल है या मर गए, किसी को कुछ खबर नही,सबका ध्यान मुर्गियो को लूटने पर लगा हुआ था। लोग बाग मुर्गिया लूट रहे थे और दूसरी तरफ ड्राइवर कराह रहा था, खून से लथपथ था।


जब लोग कहते हैं की मोदी देश को बेवकूफ बना रहा है ….जब लोग कहते हैं की मोदी तो अडानी अम्बानी और टाटा बिडला का एजेंट है ….तो मुझे उसी मुर्गी से लदे हुई ट्रक की याद आ जाती है ..मोदी ने भारत जैसे देश को महान बनाने की चुनौती स्वीकार की है ???
उस देश को जो स्वघोषित रूप से महान है, जिस देश में ट्रेन या बस दुर्घटनाओं के बाद सबसे पहले घायल और मृतकों के गहने तक लूट लिए जाते हों,जिस देश में आयल टैंकर पलट जाने पर ड्राइवर की जान बचाने के बजाये लोग पेट्रोल लूटना ज्यादा पसंद करते हों। जिस देश में एक बोतल दारु के लिए लोग अपना वोट बेच देते हों ,जिस देश में इमानदारों को मुर्ख घोषित कर दिया जाता हो,जिस देश में लोगों को ये भी समझाना पड़े की हगने के लिए पैखाने जाना चाहिए और हगने के उपरांत हाथ साबुन से धोना चाहिए।
जिस देश में सुविधा को अधिकार समझ लिया जाता हो,जिस देश में ट्रेन से लेकर प्लेन तक और दवाई से लेकर दारु तक के लिए लाइन लगानी पड़े।उस देश को महान बनाने का संकल्प लेने वाला इंसान भी अपने आप में महान है।दुनिया का सबसे आसान काम है दूसरों में दोष निकलना,आप मोदी में भी दोष निकाल सकते हैं,बिलकुल निकालिए।मोदी भगवान नहीं है,ना ही वो परमात्मा या पैगंबर है। उससे भी गलती हो सकती है,गलती और गलतफहमी होना लाजिमी है,क्योंकि वो इंसान है, जैसे हम और आप है।
हो सकता है मोदी नाटकबाज हों,हो सकता है मोदी जातीवादी हों, हो सकता है धार्मिक द्वेष फैला रहे है,हो सकता है मोदी अमीरों को फायदा भी पंहुचा रहे हो,हो सकता है मोदी अमेरिका और रूस के दबाव में हो,आप कुछ भी कह सकते हैं मोदी को,आखिर वो है की क्या??? ..एक प्रधान मंत्री ही तो है अगले 5 और साल के लिए।


JNU वाले तो मोदी को भडवा भी कह देते हैं,जमानत पर अभी अभी छुटा केजरीवाल तो चोर कहता है मोदी को,सोनिया गाँधी मौत का सौदागर कह चुकी है। मंदबुद्धि बालक राहुल गांधी उन्हे फेकू कहते हैं,ममता तानाशाह कहती हैं,सजायाफ्ता लालू ने मोदी को नौटंकीबाज कहा है। कुल मिलाकर मोदी की हैशियत ही क्या है ? स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र लोकतंत्र में आप भारत के प्रधानमंत्री पद पर बैठे हुए व्यक्ति को माँ बहिन की गाली भी दे सकते हैं। लेकिन एक चीज़ है जो आप मोदी से छीन नहीं सकते क्यों की ये चीज़ छिनी नहीं जा सकती,ये पैदा करनी पड़ती है …….और ये चीज़ है अपनी धरती माता अपनी भारत माता के प्रति मोदी का अथाह और निश्छल प्रेम …..हाँ ये वो चीज़ है जो आप मोदी से नहीं छीन सकते ..आप मोदी से उसकी कुर्सी छीन सकते हैं लेकिन वो संकल्प वो महान संकल्प नहीं छीन सकते जो उसने भारत को महान बनाने के लिए लिया हुआ है ..
आप मोदी से वो साहस नहीं छीन सकते जो उन्हें प्रधान मंत्री होते हुए भी ये बोलने के लिए प्रेरित करता है की “हाँ मै एक हिन्दू राष्ट्रवादी हूँ “…..आप मोदी से नहीं छीन सकते हैं उनकी बेबाकी ..नहीं छीन सकते है काम के प्रति उनका उत्साह ……नहीं छीन सकते हैं,उनके कड़े और महान निर्णय लेने की क्षमता …..आप नहीं छीन सकते हैं वो धैर्य जो 10 घंटे सीबीआई की जांच और गहन पूछताछ के दौरान भी नहीं टूटा ….और अंत में आप नहीं छीन सकते है वो 56 इंच सीना जो उन्हें यानी मोदी को मोदी बनाता है। ऐसा देश जहाँ हर इंसान जन्म से भ्रष्टाचार और चोरी के गुण लेकर पैदा होता है ……जहाँ एक दुघर्टना ग्रस्त मुर्गियो से लदे ट्रक को भी लोग लूटने से बाज नहीं आते …..ऐसे देश को महान बनाने का संकल्प लेने वाला कोई साधारण व्यक्तित्व का इंसान नहीं हो सकता …..मोदी को दिन रात कोसने गरियाने वालों …मोदी से लड़ना है तो पहले मोदी बनो …..लेकिन याद रखना मोदी हमेशा एक ही रहेगा। मुझे पता है कि आज आप मे से कुछ लोग चिढ कर मुझे मोदी अंध भक्त कहेगे,लेकिन अब इन बातो से मुझे कोई फर्क नही पडता।क्योंकि मै जानता हूँ,कि लोग धक्का उसी को देते है जो उनसे आगे होता है। लोग बुराई भी उसी की करते है तो उनसे बेहतर होता है! बात उसी की होती है,जिसमे कोई बात होती है। भारत के विश्वकर्मा श्री नरेद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!


