मुंबई वार्ता संवाददाता

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में युवाओं का जमावड़ा देखने को मिला। हल्की बारिश के बावजूद हजारों युवा हाथों में तिरंगा, भारतीय संविधान की प्रतियां और डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोस्टर लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई पोस्टर और मीम्स भी युवाओं के हाथों में दिखाई दिए।


अधिकांश युवा कॉलेज छात्र थे, जो मुंबई और आसपास के इलाकों से दादर स्टेशन पहुंचकर पैदल शिवाजी पार्क तक मार्च करते हुए आए। प्रदर्शनकारियों ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में नारे लगाए।


धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के खिलाफ पिछले 36 दिनों से चल रहे अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन में देशभर से लाखों लोगों का समर्थन मिला।
शिवाजी पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे संबोधित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर “डर के माहौल” को खत्म करने का संदेश दिया है और वे इस उपलब्धि पर युवाओं का अभिनंदन करेंगे।
कार्यक्रम में शामिल कई युवाओं ने कहा कि वे आंदोलन के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाने आए हैं। एक छात्र ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है।”
वहीं, एक छात्रा ने बताया कि वह कथित रूप से आत्महत्या करने वाले 21 नीट अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि देने के लिए शिवाजी पार्क पहुंची है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान बारिश के बावजूद युवाओं का उत्साह बना रहा और शिवाजी पार्क देशभक्ति के नारों और संविधान के समर्थन में लगाए गए नारों से गूंजता रहा।


