मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार ने धारावी पुनर्विकास योजना के तहत आवंटित होने वाले घरों की बिक्री, पट्टे या हस्तांतरण पर लागू 10 साल की रोक को बदलने का प्रस्ताव रखा है। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी मसौदा अधिसूचना में हस्तांतरण से जुड़े नियमों को मौजूदा 10 साल की पाबंदी के बजाय महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम और बाद में सहकारी संस्था से जुड़े कानूनों के तहत निर्धारित करने का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है।


मौजूदा नियमों के अनुसार धारावी पुनर्विकास योजना के तहत कब्जा मिलने के बाद आवंटित मकान को 10 साल तक बेचा, पट्टे पर दिया, हस्तांतरित या किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा नहीं जा सकता। हालांकि कानूनी उत्तराधिकारी को हस्तांतरण की अनुमति है। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित आवास को धारावी पुनर्विकास परियोजना या झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा अपने कब्जे में लिया जा सकता है।
सरकार का नया प्रस्ताव विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली (डीसीपीआर), 2034 के विनियमन 33(9)(ए) में संशोधन से जुड़ा है। इसके तहत जब तक सहकारी आवास संस्था का गठन नहीं होता, तब तक घरों के हस्तांतरण पर महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम के प्रावधान लागू करने का प्रस्ताव है। सहकारी संस्था बनने के बाद महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम के तहत नियम लागू होंगे।
शहरी विकास विभाग ने यह मसौदा 1 जुलाई को महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम की धारा 37(1एए) के तहत जारी किया था। सरकार ने इस पर नागरिकों और संबंधित पक्षों से आपत्तियां तथा सुझाव मांगे हैं। अंतिम निर्णय आपत्तियों और सुझावों पर विचार के बाद लिया जाएगा।
प्रस्ताव में धारावी पुनर्विकास योजना से जुड़े कुछ अन्य नियमों में भी बदलाव सुझाए गए हैं। इनमें पुनर्विकास के दौरान आवंटित होने वाले घर के अंतिम कार्पेट क्षेत्र में निर्माण ग्रिड की सुविधा के लिए पात्र क्षेत्रफल से 5 प्रतिशत तक अंतर की अनुमति शामिल है।
इसके अलावा सड़क की चौड़ाई और पार्किंग से संबंधित मौजूदा नियमों को धारावी पुनर्विकास योजना पर भी लागू करने का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य धारावी पुनर्विकास परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुगम बनाना है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना मुंबई की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास योजनाओं में से एक है। प्रस्तावित नियमों में बदलाव से पुनर्वास घरों के भविष्य में हस्तांतरण और उनके स्वामित्व से जुड़े नियमों की व्यवस्था मौजूदा 10 साल की निश्चित रोक से अलग हो सकती है। हालांकि, जब तक सरकार अंतिम अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक मौजूदा 10 साल की हस्तांतरण रोक प्रभावी रहेगी।


