■ मुख्य आरोपी फरार.
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई सेशन कोर्ट ने पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में आरोपी मरियम महबूब कोडिया और हुसैन कोडिया को अग्रिम जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी बिल्डर यूसुफ इब्राहिम सुपारीवाला उर्फ बाबा सुपारीवाला अब भी फरार है। यह जानकारी शिकायतकर्ता के वकील सुनील पांडे ने दी।


शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक उस्मान फुदीनवाला, जो ऑर्किड टावर, बेलासिस रोड के निवासी हैं और रियल एस्टेट व निर्माण व्यवसाय से जुड़े हैं, की शिकायत पर 2 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी।एफआईआर में यूसुफ इब्राहिम सुपारीवाला, मरियम महबूब कोडिया और हुसैन कोडिया के नाम शामिल हैं।
पार्टनरशिप और परियोजना का विवरण
शिकायत के अनुसार, फुदीनवाला एस.एस. रियल्टर्स नामक साझेदारी फर्म के पाँच भागीदारों में से एक थे। फर्म ने मंडवी डिवीजन में स्थित “मनियार मैन्शन” (सीएस नंबर 785) नामक परियोजना का पुनर्विकास किया, जो पायधोनी पुलिस की सीमा में आती है।
फुदीनवाला का दावा है कि उन्होंने इमारत में दो वाणिज्यिक यूनिट्स खरीदी थीं, जिसकी जानकारी फर्म के सभी भागीदारों को थी और इसके लिए सेटलमेंट डीड व एरिया डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी निष्पादित किए गए थे।फर्जी समझौतों का आरोप है , इसके बावजूद मुख्य आरोपी यूसुफ इब्राहिम सुपारीवाला ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से परमानेंट अल्टरनेट अकॉमोडेशन एग्रीमेंट (PAAA) मरियम और हुसैन कोडिया के नाम पर दर्ज कराया। यह एग्रीमेंट दो-दो मंज़िलों (प्रत्येक 650 वर्ग फुट) के लिए बताया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि एग्रीमेंट को समर्थन देने के लिए जाली किराया रसीदें तैयार कर म्हाडा में प्रस्तुत की गईं। इन दस्तावेज़ों के आधार पर आगे की मंज़ूरियां, जिनमें बीएमसी से कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (सीसी) प्राप्त करना शामिल है, हासिल की गईं।
बुधवार को सुनवाई के बाद सत्र न्यायालय ने मरियम और हुसैन कोडिया की अग्रिम जमानत अर्ज़ियां स्वीकार कर लीं। वहीं, मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और मामले में आगे की जांच चल रही है।


