● प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

शैक्षणिक उत्पीड़न के कारण नर्सिंग कॉलेज के एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। यह घटना पनवेल तालुका के पोयंजे गांव में एक निजी नर्सिंग कॉलेज में हुई। इस मामले में, पनवेल तालुका पुलिस स्टेशन में नर्सिंग कॉलेज की महिला प्रिंसिपल के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत मामला दर्ज किया गया है।


पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र का नाम उदय मोतीलाल आगले (१९) है और वह बीएससी नर्सिंग के प्रथम वर्ष में पढ़ रहा था। छात्र ने ३ जून को अपने छात्रावास के कमरे में एक ग्रिल से कमर की बेल्ट बांधकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में पता चला है कि दिसंबर २०२४ से जून २०२५ तक पीड़ित छात्र को प्रिंसिपल द्वारा लगातार मानसिक यातना सहनी पड़ी। शिकायतकर्ता छात्र की मां द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार महिला प्रिंसिपल अक्सर छात्र को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करती थी। अन्य छात्रों के सामने भी उसका अपमान किया जाता था। इतना ही नहीं, प्रिंसिपल ने अपमानजनक बातें भी कही कि पीड़ित का पुरुषत्व नष्ट हो गया है, वह नपुंसक है, ऐसा भी एफआईआर में कहा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा, “फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जांच चल रही है और कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटनास्थल पर पंचनामा किया गया है और सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।” इस घटना से छात्रों और दलित समुदाय में भारी गुस्सा है। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने घटना के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


