मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को महिलाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध परिवहन सेवाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस दौरान राज्य सरकार ने अवैध बाइक-टैक्सी और अनधिकृत परिवहन संचालकों पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया।


सरकार ने घोषणा की है कि अब राज्य में बाइक-टैक्सी या अन्य परिवहन सेवाओं के संचालन का लाइसेंस केवल उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जिनके पास वैध डोमिसाइल (मूल निवासी) प्रमाणपत्र होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से अवैध परिवहन सेवाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और महिलाओं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
यह फैसला विशेष रूप से मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे बड़े शहरों में चल रही अवैध बाइक-टैक्सी सेवाओं पर बड़ा असर डाल सकता है। सरकार का मानना है कि लाइसेंस प्रक्रिया को सख्त बनाने से अनधिकृत परिवहन संचालकों पर रोक लगेगी और यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं जवाबदेह परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान सदस्यों ने महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अवैध परिवहन सेवाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय घोषित किया।


