मुंबई वार्ता संवाददाता

नवी मुंबई महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग के डिप्टी कमिश्नर कैलास गायकवाड को 42 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद अब 15 वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं। नवी मुंबई एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने अतिक्रमण विभाग में कार्यरत इन अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।


गिरफ्तार आरोपी कैलास गायकवाड को अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें पहले तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद अब उन्हें 27 तारीख तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गायकवाड की गिरफ्तारी के बाद महानगरपालिका के प्रभाग अधिकारी, अतिक्रमण विभाग के अन्य अधिकारी, सहायक आयुक्त और इंजीनियर सहित कुल 15 अधिकारियों को एसीबी ने नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया है। इस संबंध में नोटिस महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे को भी भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले कई वर्षों से नवी मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर गांवठाण इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। भू-माफियाओं के माध्यम से खड़ी की जा रही इन अवैध इमारतों को लेकर मनपा के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत होने का संदेह जताया जा रहा है।
वहीं, अतिक्रमण विभाग द्वारा छोटे होटल और टपरी पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाती है, लेकिन अवैध इमारतों की ओर जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है। इस स्थिति पर न्यायालय ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। आने वाले समय में इस पूरे मामले की व्यापक जांच होने की संभावना जताई जा रही है।


