मुंबई वार्ता संवाददाता

टीचर भर्ती स्कैम में एक बड़ी कार्रवाई हुई है और एक और एजुकेशन ऑफिसर को गिरफ्तार किया गया है। नागपुर जिला परिषद के पूर्व एजुकेशन ऑफिसर रवींद्र कटोलकर को सीट ने गिरफ्तार किया है। SIT की साइबर सेल ने यह कार्रवाई शालार्थ ऑनलाइन सैलरी सिस्टम के गलत इस्तेमाल के मामले में की है। उन पर सरकार से १२ करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी करने का आरोप है।यह मामला नागपुर डिवीज़न के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ एजुकेशन के ऑफिस से शिकायत मिलने के बाद सामने आया।


शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। इसकी जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (सीट) कर रही है।जांच में पता चला है कि शालार्थ ऑनलाइन सिस्टम का गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल करके नकली स्कूल ेआईडी और ड्राफ्ट तैयार किए गए थे। इन नकली आईडी के ज़रिए नकली टीचर और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के नाम पर सैलरी और बकाया लिया गया, जिससे सरकार को भारी फाइनेंशियल नुकसान हुआ। इस स्कैम में अब तक कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन, एजुकेशन ऑफिसर, क्लर्क, स्कूल प्रिंसिपल, स्कूल डायरेक्टर और टीचर शामिल हैं।


सभी आरोपियों के खिलाफ फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर १० में चार्जशीट फाइल की गई है।ताजा कार्रवाई में, आरोपी रवींद्र शंकरराव कटोलकर को मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। फिर उसे २५ दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। २०२१ से २०२२ तक नागपुर जिला परिषद में एजुकेशन ऑफिसर के पद पर रहते हुए, नकली स्टूडेंट आइडेंटिटी कार्ड के बारे में जानने के बावजूद, उसने बिना किसी जांच के सैलरी प्रपोजल को मंजूरी दे दी और निजी फायदे के लिए सरकार को नुकसान पहुंचाया।


