मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

राज्य में नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भंडारा में एक गंभीर प्रशासनिक चूक सामने आई है। भंडारा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 3 स्थित एक पोलिंग स्टेशन पर ईवीएम मशीन से एक उम्मीदवार का नाम गायब पाए जाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, पूरे चुनावी प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


भंडारा जिला कलेक्टर सावंत कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पोलिंग स्टेशन के हेड समेत 7 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा, इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर एवं भंडारा प्रांत अधिकारी माधुरी तिखे तथा असिस्टेंट इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर (भंडारा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चीफ ऑफिसर) जुम्मा प्यारेवाले को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 3 के पोलिंग स्टेशन पर ईवीएम मशीन में कुल 6 विकल्प—5 उम्मीदवार और एक ‘नोटा’—होना अनिवार्य था। लेकिन वोटिंग मशीन तैयार करते समय पोलिंग स्टेशन ऑफिसर और संबंधित स्टाफ की लापरवाही के चलते शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की उम्मीदवार करुणा राउत के नाम के साथ ‘नोटा’ विकल्प ढक गया। नतीजतन, ईवीएम पर केवल 4 उम्मीदवारों के नाम ही दिखाई दिए।
उम्मीदवार करुणा राउत ने आरोप लगाया है कि ईवीएम पर उनका नाम दिखाई न देने के कारण उन्हें वोट नहीं मिल सके। पूरे मामले और ईवीएम की जांच के बाद यह चूक स्पष्ट होने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है और आगे की कार्रवाई उनके स्पष्टीकरण के आधार पर की जाएगी। यह घटना चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है।


