पड़ोसी ने रची साजिश, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार।
मुंबई वार्ता /सतीश सोनी


नागपुर का खापरखेड़ा एक स्कूली बच्चे के अपहरण और हत्या से दहल गया है। जीतू युवराज सोनेकर (११) बच्चे का नाम है और जीतू खापरखेड़ा के शंकरराव चव्हाण स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों ने स्कूल से निकलते ही 11 वर्षीय जीतू का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी, जिससे जिले में हड़कंप मच गया। इस बीच, पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
जीतू 15 सितंबर को घर से स्कूल के लिए निकला था। लेकिन वह स्कूल से घर नहीं लौटा। इसलिए, परिवार स्कूल पहुँचे और उससे पूछताछ की, साथ ही उसके दोस्तों से भी पूछताछ की। उस समय, दोस्तों ने बताया कि उन्होंने जीतू को कार में बैठे देखा था। इसके बाद, परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की तलाश के बावजूद जीतू का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, बुधवार को एक व्यक्ति ने चणकपुर स्थित डब्ल्यूसीएल कॉलोनी के पास झाड़ियों में स्कूल यूनिफॉर्म पहने एक बच्चे का शव देखा। उसने पुलिस से संपर्क कर घटना की सूचना दी।


पुलिस ने घटना की जाँच की और कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में, नागपुर पुलिस ने उन तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने जीतू का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। आरोपियों ने फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण और हत्या करना कबूल कर लिया है।
पड़ोस में रहने वाले आरोपियों को पता था कि जीतू के पिता खेत बेचकर पैसे लाएंगे। इसलिए, आरोपी राहुल पाल, अरुण भारती और यश वर्मा ने पैसे कमाने के इरादे से जीतू के अपहरण की साजिश रची। आरोपी जीतू का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती मांगने की तैयारी में थे। लेकिन अपहरण के बाद जीतू तरह-तरह के सवाल पूछने लगा। इससे डरे आरोपियों ने नन्हे बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद, उसने दो दिनों तक उसके शव को छिपाने और मामले को दबाने की कोशिश की। पुलिस आगे की जाँच कर रही है।


