मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी कृष्णराज महाडिक द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को “मेरा नालंदा विश्वविद्यालय” कहे जाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के प्रवक्ता और मुंबई युवक अध्यक्ष एडवोकेट अमोल मातेले ने इस बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “ज्ञान का अपमान और चापलूसी की पराकाष्ठा” बताया।


अमोल मातेले ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय विचार और ज्ञान की महान परंपरा का प्रतीक है, लेकिन महाडिक के बयान में केवल अंधभक्ति और अतिशयोक्ति नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “न तो अध्ययन, न कोई विशेष योगदान—सिर्फ प्रशंसा की राजनीति की जा रही है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे गंभीर बने हुए हैं, लेकिन इन समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सत्ता पक्ष के नेता केवल व्यक्तिपूजा में लगे हैं। मातेले ने कहा, “यह भूमिका जनता के मुद्दों से पूरी तरह कट चुकी है और केवल सत्ता के इर्द-गिर्द घूम रही है।”
एनसीपी (शरद पवार गुट) ने चेतावनी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र का युवा अब जागरूक है, सवाल पूछता है और खोखली बयानबाजी को स्वीकार नहीं करेगा। पार्टी ने भाजपा नेताओं से वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने और “नालंदा” जैसे प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग बंद करने की मांग की।
मातेले ने अंत में कहा कि अगर ऐसी ही राजनीति जारी रही, तो जनता आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।


