मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

नालासोपारा पूर्व में 24 जून को 3.36 लाख रुपये कीमत की 112 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामदगी से शुरू हुई जांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मीरा-भायंदर-वसई-विरार (MBVV) क्राइम ब्रांच की यूनिट-4 ने कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 69.759 किलो मेफेड्रोन (MD), 260 लीटर रासायनिक पदार्थ, ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और नकदी बरामद की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई गई है।


पुलिस के मुताबिक, 24 जून को नालासोपारा पूर्व में अविनाश उर्फ सोनू अय्यर (22) और रविकांत राम (23) से 112 ग्राम MD बरामद हुई थी। इस छोटी सी बरामदगी के बाद शुरू हुई तकनीकी जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क तक पहुंची।


■ कार के दरवाजे में छिपाकर मुंबई लाते थे MD
जांच में सामने आया कि सिंडिकेट के सदस्य इनोवा कार के दरवाजे के पैनल में MD छिपाकर उसे मुंबई और आसपास के इलाकों में पहुंचाते थे। तकनीकी निगरानी और पूछताछ से पुलिस को नेटवर्क के अलग-अलग सदस्यों, सप्लायरों और कथित निर्माण इकाइयों के बारे में जानकारी मिली।
■ गिरफ्तार आरोपियों में उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त लोग भी शामिल हैं।
मोहम्मद हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट (36) DY Patil से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और पहले TCS में काम कर चुका था। उसे कुर्ला में गिरफ्तार किया गया, जहां से पुलिस ने 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद किए।
पुलिस का आरोप है कि सिद्दीकी उत्तर प्रदेश से MD मंगाकर मुंबई और अन्य क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करने वाले प्रमुख लोगों में शामिल था। वहीं, रजनीश मिश्रा, जो BSc Chemistry का स्नातक है, उत्तर प्रदेश में संचालित कथित ड्रग निर्माण लैब से जुड़ा पाया गया।
■ गुजरात और उत्तर प्रदेश में मिले गुप्त ड्रग लैब
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह ने शहरी इलाकों से दूर ग्रामीण कृषि भूमि और किराए के शेड में गुप्त ड्रग लैब स्थापित कर रखी थीं। गुजरात के कच्छ के संधन गांव में कृषि भूमि पर एक लैब का पता चला। पुलिस के अनुसार यह जमीन जुमा थाकरा की थी, जबकि इसके लिए वित्तीय मदद पूर्व स्पा संचालक मोइनुद्दीन पटेल ने की थी।
इस कथित लैब के संचालन में शान गजाली, मोइनुद्दीन पटेल, अदनान जुनेजा, धवलपुरी गोस्वामी, मोहम्मद बिलाल मल्कानी, फैजान मल्कानी, शहनवाज खान, सोहेल शेख और फैजान करणेकर की भूमिका सामने आई है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी पुलिस ने कोसड़ा कला क्षेत्र में कृषि भूमि पर बने एक शेड पर छापा मारा। वहां से 52.932 किलो MD, 260 लीटर निर्माण रसायन और भारी औद्योगिक उपकरण बरामद किए गए। पुलिस को रायगढ़ के नेरल में एक और ड्रग निर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी के संकेत भी मिले हैं।
■ कल्याण तक पहुंची जांच, जलगांव से भी MD बरामद
जांच की कड़ी कल्याण तक पहुंची, जहां पुलिस ने आर्यन हारुन सैयद उर्फ जालिम (25) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वह क्षेत्रीय स्तर पर ड्रग की सप्लाई और वितरण संभाल रहा था।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आर्यन के रिश्तेदार अजमत पठान और रहमत पठान, जो कथित तौर पर जालिम गैंग चलाते थे, फिलहाल जेल में हैं। उनके जेल जाने के बाद आर्यन द्वारा गिरोह की कमान संभालने का आरोप है।
पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) हाईवे के पास रसायनों को फेंकने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने इन रसायनों को बरामद कर लिया।
इसी जांच में सिद्दीकी के संपर्क में रहने वाले मोइनुद्दीन शेख उर्फ मोइन का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर ड्रग वितरण में उसकी मदद करता था। जलगांव में रहीम पिंजारी और सैयद मुशैद अली की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वहां से अतिरिक्त 4.911 किलो MD भी बरामद की।
■ शहरी इलाकों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिफ्ट हो रहा ड्रग कारोबार
क्राइम ब्रांच की जांच में एक महत्वपूर्ण पैटर्न सामने आया है। पुलिस के अनुसार ड्रग सिंडिकेट अब मुंबई जैसे बड़े शहरी केंद्रों के बजाय दूरदराज के ग्रामीण इलाकों, कृषि भूमि और छोटे शहरों में किराए के शेड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन जगहों पर गुप्त लैब स्थापित कर MD तैयार करने और फिर उसे अलग-अलग शहरों में भेजने की कोशिश की जा रही है।
क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की पिछली कार्रवाई में 20 आरोपियों की गिरफ्तारी, पांच MD लैब का पर्दाफाश और 23 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की MD की बरामदगी हुई थी। मौजूदा अभियान में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ दो MD लैब का पता चला है और जब्ती का कुल मूल्य करीब 139 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
■ जांच में 21 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की सूची इस प्रकार है—
अविनाश लोकनाथ अय्यर (22), नालासोपारा पूर्व
रविकांत ओमप्रकाश राम (23), नालासोपारा पूर्व
शान इरफान गजाली (30), कोलाबा
मोइनुद्दीन शब्बीर पटेल (28), अग्रिपाड़ा
अदनान रज्जाक जुनेजा (36), चिंचबंदर
धवलपुरी शंकरपुरी गोस्वामी (33), कच्छ, गुजरात
मोहम्मद बिलाल मोहम्मद यूसुफ मल्कानी (30), मदनपुरा
फैजान मोहम्मद यूसुफ मल्कानी (33), मदनपुरा
शहनवाज दिलावर खान (29), कल्याण
सोहेल सलीम शेख (24), कर्जत, रायगढ़
फैजान नसरुद्दीन करणेकर (21), कर्जत, रायगढ़
जाहिद हनीफ शेख (35), कर्जत, रायगढ़
जुमा तालाब थाकरा (34), कच्छ, गुजरात
आर्यन हारुन सैयद (25), कल्याण
मोहम्मद हसीब सिद्दीकी (36), कुर्ला पश्चिम
रहीम ताहेर पिंजारी (28), जलगांव
सैयद मुशैद अली मुमताज अली (39), जलगांव
मोइनुद्दीन उस्मान बादशाह शेख (24), मुंब्रा
मोहम्मद आसिम कासम कुरैशी (26), नागपाड़ा
रजनीश रामचंद्र मिश्रा (30), भदोही, उत्तर प्रदेश
शिवधन शंभुनाथ मिश्रा (28), भदोही, उत्तर प्रदेश
यह पूरी कार्रवाई MBVV पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त संदीप डोईफोडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, MD की सप्लाई चेन और देश के दूसरे हिस्सों से इसके संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।


