मुंबई वार्ता संवाददाता

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र के 114 पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 53 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है, जबकि 61 लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, प्रभावित पर्यटकों की संख्या और स्थिति की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है।


नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई अचानक बाढ़ ने कैलास-मानसरोवर यात्रा के मार्ग को बुरी तरह प्रभावित किया है। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण यात्रियों से संपर्क स्थापित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने उपलब्ध जानकारी विदेश मंत्रालय को भेज दी है और प्रभावित लोगों तक पहुंच बनाने के लिए आपातकालीन तंत्र सक्रिय किया गया है।
■ मुंबई के यात्रियों को लेकर भी चिंता
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के अनुसार, मुंबई से मानसरोवर जा रहे करीब 80 लोगों में से केवल चार लोगों से संपर्क हो सका है, जबकि बाकी यात्रियों से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं। इस स्थिति ने मुंबई और महाराष्ट्र में उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
बताया गया है कि महाराष्ट्र के प्रभावित 114 लोगों में करीब 61 यात्री रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नेपाल गए थे, जबकि अन्य लोग अलग-अलग माध्यमों से यात्रा कर रहे थे।
■ कैलास-मानसरोवर यात्रियों की संख्या भी बड़ी
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में कैलास-मानसरोवर यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबर है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद 384 पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हालांकि, इन आंकड़ों में कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों का पूरा आंकड़ा शामिल नहीं था।
केंद्र और राज्य सरकारों के साथ भारतीय दूतावास तथा स्थानीय प्रशासन राहत और खोज अभियान में जुटे हैं। संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए रेडियो और अन्य वैकल्पिक माध्यमों की भी मदद ली जा रही है।
■ भीषण बाढ़ ने मचाई तबाही
26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने नेपाल और चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। कई सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और लापता यात्रियों की तलाश में जुटे हैं।
फिलहाल 61 महाराष्ट्रवासियों से संपर्क नहीं होने की वजह से उनके परिजनों में बेचैनी बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि संपर्क स्थापित करने और सभी यात्रियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने के प्रयास लगातार जारी हैं।


