मुंबई वार्ता संवाददाता

न्हावा शेवा बंदर पर राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के 10,000 किलोग्राम अवैध पटाखे जब्त किए हैं। इस मामले में तस्करी गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया है।


डीआरआई अधिकारियों ने संदिग्ध आयात खेप की जांच के दौरान पाया कि कंटेनर में पटाखों को घोषित माल की आड़ में छिपाया गया था। कागजात में माल के रूप में बोतल और वॉलपेपर घोषित किया गया था, जबकि विस्तृत जांच में कंटेनर के अंदर बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार, घोषित माल की केवल पहली तीन पंक्तियां थीं, जबकि उसके पीछे कंटेनर का अधिकांश हिस्सा पटाखों से भरा हुआ था।
जांच में करीब 19,800 पटाखे बरामद किए गए, जिन्हें ‘288 गैटलिंग’ के नाम से जाना जाता है। इनका कुल वजन लगभग 10,000 किलोग्राम और बाजार मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये आंका गया है। पटाखों के साथ उन्हें छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए घोषित कवर कार्गो को भी सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है।
डीआरआई के मुताबिक, भारत में पटाखों का आयात प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। ऐसे आयात के लिए विदेश व्यापार नीति के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से वैध अनुमति और विस्फोटक नियम, 2008 के तहत पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) से आवश्यक लाइसेंस हासिल करना जरूरी है।
जांच के दौरान डीआरआई ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर इस खेप को गुप्त तरीके से बंदरगाह से बाहर निकालने की व्यवस्था कर रहा था। एजेंसी अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और अवैध आयात के पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
डीआरआई ने कहा है कि यह कार्रवाई वाणिज्यिक कार्गो के जरिए प्रतिबंधित सामान के गलत विवरण देकर आयात और गुप्त निकासी के प्रयासों के खिलाफ उसकी निगरानी और कार्रवाई का हिस्सा है।


