मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी अस्मिता, हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए स्पष्ट कहा कि बीते 25 वर्षों में मराठी माणूस को यदि रोजगार और बेहतर जीवन के लिए मुंबई से बाहर जाना पड़ा है तो इसे विकास नहीं कहा जा सकता। उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर तंज कसते हुए कहा कि परप्रांतियों के खिलाफ हिंसा या मारपीट विकास का प्रतीक नहीं हो सकती।


मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उनका हिंदुत्व किसी पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है बल्कि जो भारतीय संस्कृति और प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति को मानते हैं, वे सभी हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि मराठी और हिंदू को अलग-अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उनका हिंदुत्व समावेशी है और समाज को जोड़ने वाला है।फडणवीस ने विपक्ष पर मराठी और अमराठी के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि मराठी माणूस संकुचित नहीं है। महाराष्ट्र में क्षेत्रीय अस्मिता और मराठी भाषा पर गर्व जरूर है, लेकिन सबसे जरूरी है विकास और सुरक्षा। मराठी समाज को सम्मान के साथ सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, यही सरकार की प्राथमिकता है।
प्रचार के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने वरली स्थित बीडीडी चॉल का दौरा कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। इस दौरान बीडीडीवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। बीडीडी परियोजना को लेकर श्रेय की राजनीति चल रही है, लेकिन फडणवीस ने जमीनी हकीकत सामने रखते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़ी है।मनपा चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि मुंबई सहित 26 से 27 नगर महानगरपालिकाओं में महायुति का परचम लहराएगा।
उन्होंने कहा कि मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिकाओं में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन की जीत तय है।ठाकरे बंधुओं की युति पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा कि यह ‘प्रीति-संगम’ नहीं बल्कि ‘भीति-संगम’ (डर का संगम) है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए मजबूरी में एकजुट हुए हैं, जबकि जनता विकास और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है।


