मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई में व्यस्त समय में रेल यात्रा के दौरान ऑफिस का काम निपटाना आसान होने जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर भारत का पहला ‘डिजिटल लाउंज’ और ‘को-वर्किंग स्पेस’ लॉन्च किया है। १७१२ वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस लाउंज को हवाई अड्डे की सुविधाओं की तर्ज पर विकसित किया गया है, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी।


अक्सर व्यावसायिक यात्रियों या फ्रीलांसरों के पास यात्रा के दौरान काम करने के लिए कोई शांत जगह नहीं होती है। इसी जरूरत को समझते हुए पश्चिम रेलवे ने यह कदम उठाया है. लाउंज में हाई-स्पीड वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट, आरामदायक सोफे और मॉड्यूलर वर्कस्टेशन उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं, महत्वपूर्ण चर्चाओं के लिए यहां विशेष सम्मेलन और बैठक कक्षों की भी व्यवस्था की जाती है।


■ डिजिटल लाउंज में क्या सुविधाएं मिलेंगी?
हाई-स्पीड वाई-फाई और कई चार्जिंग पॉइंटकुर्सियों, मेजों और सोफों के साथ आरामदायक बैठने की जगहनिजी चर्चाओं के लिए समर्पित सम्मेलन और बैठक कक्षबैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए लचीला स्थानस्व-सेवा हल्के नाश्ते और गैर-अल्कोहल पेयव्यक्तिगत उत्पादकता के लिए एक मॉड्यूलर वर्कस्टेशनउन्नत शौचालय एवं प्रसाधन सुविधाएंइस प्रोजेक्ट से अगले पांच साल में पश्चिम रेलवे को रु. ३.२० करोड़ की कमाई होने की उम्मीद है।
मुंबई डिविजन को हर साल करीब ५० लाख रुपए की आय होगी। इसे पेशेवर रूप से टेन ११ हॉस्पिटैलिटी के ‘आईएनईजे लाउंज’ द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। इस पहल की खास बात यह है कि यह सुविधा केवल रेल यात्रियों तक ही सीमित नहीं है। जिन छात्रों को घर से काम करना मुश्किल लगता है या जिन्हें पढ़ाई के लिए एक शांत जगह की जरूरत है, वे भी एक निश्चित शुल्क चुकाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।



बहुत-बहुत शुभकामनाएं