● ट्रम्प की टैरिफ बढ़ाने की धमकी के चलते तेल बाजारों में अनिश्चितता : शंकर ठक्कर
मुंबई वार्ता संवाददाता

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की सत्ता दोबारा संभालने के बाद कई देशों को टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है जिसके चलते बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। दूसरी तरफ मार्च में भारत का पाम तेल का आयात पिछले महीने के मुकाबले मामूली है, लेकिन लगातार चौथे महीने सामान्य स्तर से नीचे रहा, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी सोया तेल की तुलना में इसके प्रीमियम ने रिफाइनरों को सोया तेल की खरीद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।


दुनिया में वनस्पति तेलों के सबसे बड़े खरीदार भारत द्वारा सामान्य से कम पाम तेल आयात के कारण मलेशियाई पाम तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है और अमेरिकी सोया तेल वायदा को समर्थन मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार मार्च में पाम ऑयल का आयात महीने-दर-महीने 13.2% बढ़कर 423,000 मीट्रिक टन हो गया। मार्च की शुरुआत में, निर्यातकों को उम्मीद थी कि इस महीने भारत का आयात 500,000 टन से अधिक हो जाएगा। भारत ने अक्टूबर 2024 में समाप्त होने वाले विपणन वर्ष के दौरान हर महीने औसतन 750,000 टन से अधिक पाम ऑयल का आयात किया गया है। शंकर ठक्कर ने आगे कहा, “पिछले कुछ महीनों से पाम तेल सोया तेल और सूरजमुखी तेल की तुलना में अधिक महंगा हो गया है, और इससे उसकी मांग कम हो रही है।”
मार्च में सोया तेल का आयात महीने-दर-महीने 24% बढ़कर 352,000 टन हो गया, जबकि सूरजमुखी तेल का आयात 15.5% घटकर 193,000 मीट्रिक टन रह गया, जो छह महीने में सबसे कम है।जानकारो के अनुमान के अनुसार, पाम ऑयल और सोया ऑयल के अधिक आयात के कारण मार्च में देश का कुल खाद्य तेल आयात बढ़कर 968,000 टन हो गया, जो पिछले महीने की तुलना में 9.3% की वृद्धि दर्शाता है।
पिछले महीने आयात चार साल के निचले स्तर पर आ गया था।भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल खरीदता है, जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील सोया तेल और रूस और यूक्रेन से सूरजमुखी तेल का आयात करता है।


