श्रीश उपाध्याय/ मुंबई वार्ता

चार आने की मुर्गी और 400 का मसाला की कहावत को चरितार्थ करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सभी विधायकों को (विधानसभा और विधान परिषद) एक पेन ड्राइव रखने के लिए रू 81.92 लाख का बजट पारित किया है.
शुक्रवार की शाम को महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने एक शासनादेश (जीआर) जारी किया. जीआर के अनुसार ‘वर्ष 2025-2026 के बजट की प्रस्तुति के दौरान विधानमंडल के सदस्यों और अन्य लोगों को पेन ड्राइव से बजट प्रकाशन वितरित करने के लिए 886 हार्ड-टॉप, चार पहिए वाले लगेज ट्रॉली बैग खरीदने के लिए 81.92 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा रही है।’ अर्थात करीब 10 हजार रुपये का एक बैग खरीदकर वितरित किया जाएगा.
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार के इस फैसले के ख़िलाफ़ लहर सी उठी हुई है. लिखा जा रहा है कि सरकार के पास आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की मदद के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन विधायकों को बजट वाली पेनड्राइव रखने के लिए 82 लाख रुपये अनावश्यक खर्च करने के लिए पैसे हैं.


