मुंबई वार्ता संवाददाता

मनपा चुनाव 2025–26 को भयमुक्त, स्वतंत्र और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराने के लिए चुनाव अधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतनी होंगी। पोलिंग स्टेशनों की अंतिम सूची तैयार करने से पहले उनका प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर नियुक्ति कर उन्हें समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। यह निर्देश मनपा आयुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगरानी ने दिए।


आम चुनाव 2025–26 के कार्यक्रम के तहत मनपा अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों, पुलिस तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक आज (18 दिसंबर, 2025) मनपा मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगरानी ने की।
बैठक में अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी, विशेष कार्य अधिकारी (चुनाव) विजय बालमवार, संयुक्त आयुक्त (कर निर्धारण एवं वसूली) विश्वास शंकरवार, उप आयुक्त (सुधार) संजोग काबरे, उप आयुक्त (सामान्य प्रशासन) किशोर गांधी, उप आयुक्त (उद्यान) अजीतकुमार अंबी, कोंकण विभाग की अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती फरोग मुकादम, उपजिला चुनाव अधिकारी विजयकुमार सूर्यवंशी तथा 23 निर्वाचन विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।गगरानी ने बताया कि माननीय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पोलिंग स्टेशन निर्धारित करने के लिए मानदंड तय किए गए हैं।
इसके अनुसार मुंबई मनपा क्षेत्र में कुल 10,111 पोलिंग स्टेशन हैं। इन सभी पोलिंग स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, रैंप सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। रिटर्निंग अधिकारियों को इन सुविधाओं का निरीक्षण एवं सत्यापन कर अंतिम पोलिंग स्टेशन सूची तैयार करनी चाहिए। मतदाताओं की सुविधा के लिए पोलिंग स्टेशनों के पास ‘वोटर असिस्टेंस सेंटर’ स्थापित किए जाएं तथा सूचना बोर्ड लगाए जाएं।चुनाव प्रक्रिया के लिए आवश्यक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। नियुक्त कर्मियों को मतदान प्रक्रिया, चुनाव कानून, आदर्श आचार संहिता, ईवीएम संचालन तथा पोलिंग स्टेशन पर दायित्वों से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी कर्मियों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होगा और निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
रिटर्निंग अधिकारियों को नगर निगम सर्कल के उप आयुक्तों तथा प्रशासनिक विभागों के सहायक आयुक्तों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।आदर्श आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ तालमेल कर सभी आवश्यक रोकथाम उपाय किए जाएं। चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नियमित गश्त, जांच नाके, वाहनों की जांच तथा संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
गगरानी ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर नियमों के अनुसार तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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