प्रदूषण मुक्त दिवाली की अपील करने पर दिया मिर्जा पर भड़कीं मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े, कहा- ‘हिंदू और हिंदुत्व के खिलाफ हैं अभिनेत्री।’

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■ बीएमसी के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान से हटाया गया दिया मिर्जा का वीडियो; भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद बढ़ा विवाद, अभिनेत्री ने कहा- जनहित में बनाया था वीडियो।

मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अभिनेत्री दिया मिर्जा द्वारा दिवाली के दौरान पटाखे नहीं फोड़ने और वायु एवं ध्वनि प्रदूषण कम करने की अपील करने वाले वीडियो पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आपत्ति जताई है। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दिया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। इस मामले में मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने भी अभिनेत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें हिंदू विरोधी बताया है।

दरअसल, मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बीएमसी ने दिवाली को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत अभिनेत्री दिया मिर्जा, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे सहित कई जानी-मानी हस्तियों से वीडियो संदेश तैयार करवाए गए थे। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों से पटाखों के इस्तेमाल को कम करने और प्रदूषण से बचने की अपील की गई थी।

दिया मिर्जा का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बीएमसी को टैग करते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा, ‘हमें दिया मिर्जा से दिवाली मनाने का तरीका सीखने की जरूरत नहीं है। हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हुई हैं।’साटम की इस टिप्पणी के कुछ ही घंटों बाद बीएमसी ने दिया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया। हालांकि, अभियान के तहत माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध रहे।

इस विवाद में मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने भी अभिनेत्री पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिया मिर्जा हमेशा विभाजनकारी ताकतों का साथ देती रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर नीट परीक्षा के मुद्दे पर अभिनेत्री की पुरानी टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। महापौर ने दिया मिर्जा को हिंदू विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी इस मामले में अभिनेत्री की आलोचना की।

उन्होंने सवाल उठाया कि दिया मिर्जा दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील करती हैं, लेकिन ईद, मुहर्रम और बकरीद के दौरान ऐसी अपील क्यों नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगे।वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इस विवाद पर अलग रुख रखते हुए कहा कि यह किसी एक धर्म या समुदाय का मामला नहीं है। भारतीय संविधान प्रत्येक धर्म को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने का अपना महत्व है, लेकिन अत्यधिक प्रदूषण को लेकर भी चिंता करना जरूरी है।दिया मिर्जा ने दी सफाईविवाद के बाद दिया मिर्जा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिवाली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का त्योहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका वीडियो जनजागरूकता के उद्देश्य से बनाया गया था, ताकि लोग स्वस्थ और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से त्योहार मना सकें।

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है और प्रदूषण कम करने की दिशा में किया गया हर प्रयास बेहतर पर्यावरण के निर्माण में मददगार है।अभिनेत्री ने यह भी सवाल उठाया कि बंबई उच्च न्यायालय और बीएमसी के निर्देश पर जनहित में तैयार किए गए वीडियो की आलोचना क्यों होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के लिए उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया था।

गौरतलब है कि बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में पटाखों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता बढ़ाने और मशहूर हस्तियों से बिना भुगतान सहयोग लेने की बात कही थी। बीएमसी का प्रदूषण नियंत्रण अभियान इसी पृष्ठभूमि में शुरू किया गया था।दिया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने के बाद अब यह मामला पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक परंपराओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

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