इंद्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण चरण दो के तहत महाराष्ट्र को सबसे अधिक घर दिए गए हैं। महाराष्ट्र में 20 लाख लाभार्थियों को एक साथ घरकुल स्वीकृति पत्र दिया जा रहा है। बीस लाख परिवारों के जीवन में एक साथ खुशी लाने का यह क्षण बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक है। आने वाली दिवाली अपने नए घर में खुशी और संतोष के साथ मनाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने के लिए आप और आपकी आने वाली पीढ़ी भरपूर योगदान दें, ऐसा आह्वान देश के गृह और सहकार मंत्री अमित शाह ने किया।
इसके अलावा, इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अनुदान में 50,000 रुपये की वृद्धि करने और मुफ्त बिजली के लिए सौर पैनल पर अनुदान देने का निर्णय घोषित किया।ग्राम विकास और पंचायत राज विभाग की ओर से श्री छत्रपति क्रीड़ा संकुल, म्हालुंगे बालेवाड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना चरण दो के तहत 20 लाख लाभार्थियों को घरकुल स्वीकृति पत्र और 10 लाख लाभार्थियों को पहली किश्त के वितरण कार्यक्रम में वे बोल रहे थे।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के पालकमंत्री अजीत पवार, केंद्रीय सहकार राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, राज्यमंत्री योगेश कदम, माधुरी मिसाळ, विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, सांसद प्रो. मेधा कुलकर्णी, विधायक उमा खापरे, अमित गोरखे, विजय शिवतारे, भीमराव तापकीर, बापूसाहेब पठारे, शंकर मांडेकर, शंकर जगताप, महाराष्ट्र की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले, विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार आदि उपस्थित थे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देख रहे हैं। विकसित राष्ट्र का अर्थ है कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना घर, बिजली, शौचालय, गैस सिलेंडर, अनाज और 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा हो। घर केवल चार दीवारें नहीं होता, बल्कि आने वाली पीढ़ी के विकास का पहला कदम इसी घर में पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को घर देने के साथ-साथ शौचालय देकर उनके सम्मान की रक्षा की है। इसी उद्देश्य से ‘सभी के लिए घर’ नीति के माध्यम से महिलाओं, कमजोर वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अन्य सभी जरूरतमंदों को घर देने का कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस योजना के तहत वर्ष 2029 तक देश में 5 करोड़ घर दिए जाएंगे, जिनमें से 3 करोड़ 80 लाख घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। महाराष्ट्र में पहले चरण में 13.57 लाख घर मंजूर किए गए थे, और अब दूसरे चरण में 20 लाख घर दिए जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि ये सभी घर समय पर पूरे हों।


