प्रभादेवी और टिटवाला गणेश मंदिरों में होगी भीड़.भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन और प्रशासन सतर्क.

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● ‘भालचंद्र संकष्टी’ : साल की पहली संकष्टी चतुर्थी ध्रुव योग, शिव वास और भद्रवास का बना संयोग

वरिष्ठ संवाददाता मुंबई वार्ता

हिंदू नववर्ष के पहले माह की संकष्टी चतुर्थी, भालचंद्र संकष्टी सोमवार 17 फरवरी को विभिन्न शुभ संयोगों में मनाई जाएगी। इस दिन ध्रुव योग के साथ शिव वास और भद्रा वास का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है जो गणेश कृपा सहजता से प्रदान करने वाला माना जाता है।

सनातन धर्म में दोनों चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। वैसे तो भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर सभी गणेश मंदिरों में लोग अपनी सुविधानुसार जाकर दर्शन पूजन करते हैं लेकिन दादर पश्चिम, प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर और टिटवाला पूर्व स्थित प्राचीन श्री सिद्धिविनायक मंदिर में संकष्टी पर कई लाख श्रद्धालु बप्पा का दर्शन करने आते हैं।

पंडित रवि दत्त ओझा ने बताया कि पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा के तुला राशि में गोचर करने से संकटों को दूर करने वाला वसुमती योग बन रहा है। साथ ही चित्रा और स्वाति नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा ध्रुव योग का भी निर्माण हो रहा है। इस दिन शिव वास और भद्रा वास भी बन रहा है। चतुर्थी पर ध्रुव योग का समापन दोपहर 3:45 बजे होगा। जबकि भद्रावास योग शाम 7:33 बजे तक है। भद्रा वास योग के बाद शिव वास का संयोग बन रहा है। भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का गोचर समयपंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी की शुरुआत 17 मार्च को रात्रि 7:33 बजे होगी। इसका समापन 18 मार्च को रात्रि 10:09 बजे होगा। चूंकि संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्रोदय होने के बाद अर्घ्य देने के बाद व्रत पारण की परंपरा है इसलिए चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी तिथि पर ही व्रत किया जाता है।

पंडित रवि दत्त ओझा के अनुसार यदि दो दिन चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी प्राप्त होती है तो प्रथम दिन को व्रत के लिए चुना जाता है। 17 मार्च की रात्रि चंद्रोदय का समय 9:22 बजे है। इसलिए 17 मार्च को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा।श्री सिद्धिविनायक मंदिर प्रभादेवी हिंदू नए साल की पहली भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी को लेकर दादर पश्चिम के प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है।

मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने बताया कि भक्तों की संभावित भीड़ के मद्देनजर निजी सुरक्षा रक्षकों के साथ पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। सिद्धिविनायक गणपति टिटवाला टिटवाला पूर्व स्थित प्राचीन श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में भी चैत्र माह की भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी को लेकर व्यवस्था चाक चौबंद की गई है।

मंदिर के पुजारी ईशान योगेश जोशी ने बताया कि इस दिन अधिक निजी सुरक्षा रक्षक तैनात किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय पुलिस से भी अतिरिक्त व्यवस्था के लिए कहा गया है।

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