● मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार, साइबर ठगी का बड़ा खुलासा.
मुंबई वार्ता संवाददाता

फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (शिकाऊ वाहन चालक परवाना) जारी करने के लिए नकली वेबसाइट बनाकर सरकारी कंप्यूटर प्रणाली में अवैध रूप से प्रवेश कर आम नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जालना की स्थानीय अपराध शाखा और साइबर पुलिस थाने की संयुक्त टीम ने की है।


इस मामले में 26 नवंबर 2025 को जालना के सहायक मोटर वाहन निरीक्षक एवं उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अभिजीत कडूबा बावस्कर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, अज्ञात आरोपियों ने नकली वेबसाइट के माध्यम से सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए आर्थिक लाभ के लिए नागरिकों को फर्जी लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए।मामले की गंभीरता को देखते हुए जालना के पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था।
आखिरकार 23 दिसंबर 2025 को पटना, सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाकर आरोपी बिड्डराज प्रमोद यादव (उम्र 24 वर्ष, निवासी टेंगराहा, जिला सहरसा, बिहार) को हिरासत में लिया गया।पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया लैपटॉप, आईफोन, थंब मशीन समेत करीब 1 लाख 46 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपी को 28 दिसंबर 2025 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
इस फर्जीवाड़े के मामले में इससे पहले जम्मू-कश्मीर के फैसल बशीर मीर और जालना के मुजाहिद उर्फ डॉन रईसोद्दीन अंसारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।यह पूरी कार्रवाई जालना पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और सहरसा जिला पुलिस प्रशासन के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा और साइबर पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इसकी जानकारी परिवहन आयुक्त, मुंबई ने दी है।


