श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस के दक्षिण परिमंडल-2 के अंतर्गत डी.बी. मार्ग पुलिस स्टेशन ने फर्जी APK फाइल के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर महानगर गैस लिमिटेड (MGL) के नाम से फर्जी संदेश भेजकर लोगों को नकली APK फाइल डाउनलोड कराने और उनके मोबाइल की बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी चोरी कर आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप है।


पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी संदेश भेजा गया था। संदेश में APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल की बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग गई और पीड़ित के खाते से 70,500 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 66(सी) और 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पता लगाकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 26 वर्ष है और वह झारखंड का निवासी है।
■ बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने:
10 मोबाइल फोन
1 लैपटॉप
1 सिम कार्ड
4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड
167 फर्जी APK फाइलें
3,200 लोगों की बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी का डेटाबेस
बरामद किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने तैयार की गई 17 फर्जी APK फाइलें अन्य साइबर अपराधियों को भी बेच रखी थीं।
पुलिस जांच के अनुसार, इन APK फाइलों के माध्यम से देशभर में 2,923 लोगों (जिनमें महाराष्ट्र के 572 और मुंबई के कई नागरिक शामिल हैं) को निशाना बनाया गया। अब तक की जांच में कुल 63 करोड़ 69 लाख 66 हजार 704 रुपये (₹63,69,66,704) की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।
मुंबई पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सह पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बालकवड़े , पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर. के निदेशानुसार उक्त कार्रवाई की गई है।


