महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में चिप्स, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक पर सख्ती, FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे का बड़ा आदेश।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्तरां और क्लबों पर कार्रवाई के बाद अब महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता पर सख्ती शुरू कर दी है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों को परिसर से चिप्स, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक, कैफीनयुक्त पेय और अन्य जंक फूड पूरी तरह हटाने के निर्देश दिए हैं।


मुंढे ने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के ‘सेफ फूड एंड बैलेंस्ड डाइट्स फॉर चिल्ड्रेन इन स्कूल रेगुलेशंस, 2020’ के तहत संतृप्त वसा, ट्रांस फैट, अतिरिक्त चीनी और अधिक सोडियम (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों की स्कूल परिसर में बिक्री, प्रदर्शन और प्रचार पहले से ही प्रतिबंधित है। जुलाई 2021 से लागू इन नियमों का व्यापक स्तर पर पालन नहीं होने के कारण अब सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।


FDA आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसर और उसके 50 मीटर के दायरे में कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, कार्बोनेटेड पेय, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स और अन्य अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री या विज्ञापन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इन खाद्य पदार्थों की पूरी सूची FDA की वेबसाइट पर उपलब्ध है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या स्कूलों के अंदर या आसपास अजीनोमोटो (MSG) से बने चाइनीज खाद्य पदार्थ बेचे जा सकते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में “नहीं” कहा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराना और उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।


यह आदेश राज्य के सभी प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, माध्यमिक, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों तथा राज्य बोर्ड, CBSE, ICSE और अन्य सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। साथ ही स्कूल कैंटीन, टक शॉप, मिड-डे मील रसोई और स्कूल परिसर या उसके आसपास संचालित सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) को भी इन नियमों का पालन करना होगा।


आदेश के अनुसार स्कूलों में परोसा जाने वाला भोजन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) के पोषण मानकों के अनुरूप होना चाहिए। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, सूक्ष्म पोषक तत्व और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। स्कूलों को अपने मेन्यू में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और दुग्ध उत्पादों को प्राथमिकता देनी होगी।


FDA ने पाया है कि राज्य के कई स्कूलों की कैंटीन, टक शॉप और मिड-डे मील रसोई बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं और स्कूलों के भीतर तथा आसपास प्रतिबंधित जंक फूड खुलेआम बेचा जा रहा है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(1) के तहत यह आदेश जारी किया गया है।


नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्कूल को एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर उसे खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देना होगा। स्कूलों के प्रवेश द्वार पर चेतावनी बोर्ड लगाना, खाद्य व्यवसाय संचालकों का लाइसेंस प्रदर्शित करना, स्वच्छता मानकों का पालन करना तथा स्कूल के कंप्यूटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जंक फूड से जुड़े किसी भी प्रकार के विज्ञापन नहीं दिखाने के निर्देश दिए गए हैं।


FDA का कहना है कि यह अभियान बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है, ताकि स्कूलों का वातावरण पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

स्वानंद बाबा आश्रम में मनाई गई गुरुपूर्णिमा।

मुंबई वार्ता संवाददाता ठाणे येऊर स्थित पपू स्वानंद...

आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी।

मुंबई वार्ता संवाददाता आईआईटी बॉम्बे परिसर स्थित हॉस्टल में...