मुंबई वार्ता संवाददाता

भर्ती परीक्षा में नकल करने के लिए तकनीक के गलत इस्तेमाल का चौंकाने वाला मामला मुंबई के पवई इलाके में सामने आया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की मल्टी टास्किंग स्टाफ (ग्रुप-डी) भर्ती परीक्षा के दौरान चार उम्मीदवारों के पास से बेहद छोटे और संशोधित मोबाइल डिवाइस बरामद किए गए। इन डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल किए जाने का आरोप है। मामले में पवई पुलिस ने चारों उम्मीदवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


जानकारी के मुताबिक, ग्रुप-डी पद के लिए परीक्षा पवई स्थित आईआईटी परिसर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल 14 कमरों में 324 उम्मीदवारों की व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक कमरे में दो पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। परीक्षा सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित हुई।
परीक्षा शुरू होने के बाद एक पर्यवेक्षक को एक उम्मीदवार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोककर उसकी तलाशी ली। इसी दौरान उसके पास से करीब अढ़ाई इंच आकार का संशोधित मोबाइल डिवाइस बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि डिवाइस को इस तरह बदला गया था कि उसे आसानी से छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाया जा सके।
इसके बाद अन्य कमरों में भी जांच की गई। कमरा नंबर 20, 62, 68 और 81 में परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों के पास भी इसी तरह के संशोधित डिवाइस पाए गए। कुल चार डिवाइस पुलिस ने जब्त किए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन उपकरणों में ब्लूटूथ जैसी सुविधा का इस्तेमाल नकल के लिए किए जाने का संदेह है।
घटना की जानकारी मिलते ही परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने पवई पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने चारों उम्मीदवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके पास से मिले उपकरणों को जब्त कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन उम्मीदवारों को ऐसे डिवाइस किसने उपलब्ध कराए और नकल के लिए किसी बड़े गिरोह की मदद तो नहीं ली गई थी।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। साथ ही जब्त किए गए मोबाइल डिवाइस की तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।


