श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

वर्षा गायकवाड़ ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह देने वाले नेताओं को पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रियों को गाड़ियों के बड़े-बड़े काफिलों की जरूरत आखिर क्यों पड़ती है और क्या उन्हें मेट्रो, बस या लोकल ट्रेन से सफर करने में शर्म आती है?


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील करते हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री और मंत्री इस पर अमल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे शहर में मेट्रो, बेस्ट और लोकल ट्रेन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि अन्य शहरों में भी सार्वजनिक परिवहन के विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में मंत्रियों को एसटी बसों और अन्य सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल कर “राष्ट्र प्रथम” की भावना दिखानी चाहिए।


उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रियों के काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी करने का फैसला कोई उपकार नहीं है। एक मंत्री एक ही वाहन से काम चला सकता है, लेकिन भाजपा नेताओं को सत्ता का अहंकार हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में एक बार मेट्रो में सफर कर केवल इवेंटबाजी करना उचित नहीं है।
गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि त्याग केवल आम जनता से करवाया जा रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग जनता के पैसे पर ऐश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पेट्रोल-डीजल का उपयोग अपनी रोजी-रोटी के लिए करता है, मौज-मस्ती के लिए नहीं। इसलिए ईंधन संकट के लिए आम जनता को जिम्मेदार ठहराना गलत है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ लोगों को विदेश यात्राएं टालने की सलाह दी जाती है, वहीं दूसरी ओर सरकार के नेता खुद विदेश दौरों पर निकल जाते हैं। गायकवाड़ ने कहा कि मौजूदा आर्थिक और ईंधन संकट सरकार की लापरवाही और तानाशाही प्रवृत्ति का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति बनते ही दुनिया के कई देशों ने संभावित ईंधन संकट को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन केंद्र सरकार चुनावी राजनीति में व्यस्त रही। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश संकट में है और प्रधानमंत्री केवल इवेंटबाजी और प्रचार में लगे हुए हैं।
अंत में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जनता को उपदेश देने से पहले खुद से मितव्ययिता और सादगी की शुरुआत करनी चाहिए।


