मुंबई वार्ता संवाददाता

समाज सेवा के प्रति अपनी निस्वार्थ भावना और दृढ़ प्रतिबद्धता के लिए पहचाने जाने वाले मनराज प्रतिष्ठान ने आज युसूफ हाफ़िज़ कॉलोनी में अपना 431वाँ नि:शुल्क आरोग्य शिविर आयोजित किया। यह शिविर मॉम्स फाउंडेशन की संस्थापक ज़ारा ख़ान के सहयोग से संपन्न हुआ।


घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है, और ऐसे में यह शिविर वहाँ के लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रहा।
शिविर की महत्वपूर्ण सेवाएँ और आँकड़े
कुल लाभार्थी मरीज: 143,अस्थमा टेस्ट: 35,अस्थमा मशीन मुफ्त वितरण: 5शुगर / थायरॉइड टेस्ट। 26वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त चश्मा वितरण। इन सेवाओं ने न केवल मरीजों को तत्काल राहत दी, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि उनके क्षेत्र में भी कोई है जो उनके स्वास्थ्य और जीवन की चिंता करता है।


● सेवा का उद्देश्य—सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि उम्मीद देना
यूसुफ हाफ़िज़ कॉलोनी जैसे इलाकों में रहने वाले परिवार अक्सर तंग गलियों, अस्वच्छ वातावरण और सीमित संसाधनों के बीच जीवन बिताते हैं। बीमारी की स्थिति में सरकारी सुविधाएँ दूर हैं और निजी अस्पतालों का खर्च उठाना उनके लिए असंभव होता है। ऐसे हालात में मनराज प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित यह शिविर केवल मेडिकल सुविधा नहीं था—यह उम्मीद, सहारा और संवेदनशीलता की एक नई किरण था। लोग सुबह से ही बड़ी संख्या में लाइन लगा कर पहुँचे थे। कई वरिष्ठ नागरिकों की आँखों में मोतियाबिंद की समस्या, दृष्टि धुंधलापन और चश्मे की ज़रूरत जैसे मुद्दे सामने आए। 45 लोगों को वहीं पर मुफ्त चश्मे प्रदान किए गए, जिससे उनकी दैनिक जिंदगी में तुरंत सुधार देखने को मिला।अस्थमा से पीड़ित लोगों की संख्या यहाँ अधिक रही। घनी आबादी, प्रदूषण और नमी के कारण सांस संबंधी बीमारियाँ आम हैं।


35 लोगों का अस्थमा टेस्ट किया गया और 5 अत्यधिक ज़रूरतमंद मरीजों को अस्थमा मशीन मुफ्त दी गई—यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
● चिकित्सा टीम का अविरत योगदान
शिविर को सफल बनाने में डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम का योगदान सराहनीय रहा। उन्होंने हर मरीज की गंभीरता से जांच की और बीमारी के अनुसार परामर्श दिया। उनकी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण ने मरीजों के दिल जीत लिए।
● मॉम्स फाउंडेशन और ज़ारा ख़ान का विशेष सहयोग
मॉम्स फाउंडेशन की संस्थापक ज़ारा ख़ान ने शिविर में विशेष रूप से योगदान दिया। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर संस्था का फोकस रहा है, इसलिए उनके सहयोग से शिविर खास तौर पर प्रभावशाली बना। उनका कहना था—”मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और ऐसे शिविर हमें समाज के करीब लाते हैं।”
● मनराज प्रतिष्ठान के ट्रस्टी मनोज राजन नथानी का प्रेरणादायी संदेश
मनराज प्रतिष्ठान के ट्रस्टी, मनोज राजन नथानी ने भावुक शब्दों में कहा—”हमारा लक्ष्य सिर्फ दवाइयाँ बाँटना नहीं है; हमारा लक्ष्य है लोगों के जीवन में स्वास्थ्य, राहत और विश्वास लाना। जब हम किसी बुजुर्ग को चश्मा देकर उनके चेहरे पर मुस्कान देखते हैं, जब किसी अस्थमा मरीज को मशीन देकर उसे राहत मिलती है, तो हमें लगता है कि हमारा दिन सफल हुआ। सेवा का असली अर्थ है—जहाँ तकलीफ़ है, वहाँ पहुँच कर लोगों का हाथ थामना।”
उन्होंने Moms Foundation और ज़ारा ख़ान का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा—”आप जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर ही हम यह मिशन आगे बढ़ा पाते हैं। यह शिविर हमारी साझी मानवीय सोच का प्रतीक है।”


