मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को विशेष अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने बुधवार को गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से जेल में बंद 62 वर्षीय प्रफुल लोढ़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी।


ईडी ने आर्थर रोड जेल में बंद लोढ़ा को प्रोडक्शन वारंट के जरिए अदालत में पेश किया था और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तारी की मांग की थी। अदालत ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए उसे लोढ़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की इजाजत दे दी।
ईडी का कहना है कि इस गिरफ्तारी का उद्देश्य लोढ़ा के पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी (मनी ट्रेल) का पता लगाना और विभिन्न संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल हुए फंड के स्रोत की जांच करना है।
जांच एजेंसी के अनुसार, लोढ़ा के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। ईडी ने अदालत को बताया कि लोढ़ा कथित तौर पर लोगों को नौकरी का झांसा देकर फंसाता था और बाद में उनका शोषण करता था।
मनी लॉन्ड्रिंग केस की आधार (शेड्यूल्ड ऑफेंस) एक ठगी का मामला है, जो नासिक में दर्ज किया गया था। इस मामले में एक निवेशक से करीब 62.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
अब ईडी की हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान लोढ़ा के वित्तीय नेटवर्क और संभावित अन्य लेन-देन का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।


