श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने अनशन खत्म करने के बाद कहा कि आज हमारे लिए दिवाली है, हमें जो चाहिए था, वह मिल गया। सरकार की ओर से जारी सरकारी आदेश (जीआर) स्वीकार करते हुए उन्होंने भावुक होकर उपवास तोड़ दिया।


इस दौरान वो फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए। राज्य सरकार की कैबिनेट उपसमिति के प्रमुख राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उपसमिति ने हैदराबाद गजट लागू करने और कुनबी प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई है। इस फैसले के बाद आंदोलनकारी खुश नजर आए और माहौल में उत्सव जैसी स्थिति दिखी।


मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार की ओर से ज्यादातर मांगें मान लेने के बाद विजय की घोषणा की। जैसे ही उन्होंने समर्थकों से कहा कि हम जीत गए दोस्तों हजारों की भीड़ खुशी से झूम उठी। कैबिनेट उपसमिति के प्रमुख मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे से मुलाकात कर ड्राफ्ट सौंपा। समिति ने हैदराबाद गजट लागू करने और जिन मराठाओं के पास कुनबी का रिकॉर्ड है, उन्हें जांच के बाद प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई। इसके तुरंत बाद जीआर जारी करने का आश्वासन दिया गया।


