■ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कामठी मार्ग काडबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर दर्ज.
मुंबई वार्ता संवाददाता

महा-मेट्रो ने अल्प समय में विश्वस्तरीय अवसंरचना खड़ी कर नागपुर को वैश्विक पहचान दिलाई है। कामठी मार्ग पर बने सबसे लंबे डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। इस उपलब्धि ने नागपुर को उत्कृष्ट अवसंरचना वाले शहर के रूप में दुनिया के मानचित्र पर स्थापित किया है, ऐसा गौरवोद्गार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।


उन्होंने इस वैश्विक सम्मान पर महा-मेट्रो के अधिकारियों को शुभकामनाएँ भी दीं।रामगिरी में आयोजित विशेष कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के भारत प्रतिनिधि स्वप्नील डोंगरीकर ने महा-मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रवण हार्डीकर को आधिकारिक प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री फडणवीस की उपस्थिति में प्रदान किया।


कामठी मार्ग का डबल डेकर मेट्रो वायाडक्ट दुनिया का सबसे लंबा है। 5.637 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण मेट्रो और राजमार्ग यातायात के लिए सिंगल कॉलम पिलर पर किया गया है। यह स्थापत्य कला और अभियांत्रिकी का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। अत्याधुनिक तकनीक से बने इस फ्लाईओवर को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। इससे पहले छत्रपति नगर का 3.2 किमी डबल डेकर फ्लाईओवर भी वैश्विक स्तर पर दर्ज किया गया था।
अब नागपुर को “संतरा नगरी” के साथ-साथ “इन्फ्रास्ट्रक्चर सिटी” की नई पहचान मिली है।इस फ्लाईओवर के निर्माण में 1,650 टन स्टील का उपयोग हुआ है। कामठी मार्ग पर रेलवे, राजमार्ग और मेट्रो यातायात की सुविधाएँ एक ही कॉरिडोर पर समाहित करना दुनिया में पहली बार हुआ है। इसे इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना बताया गया है। वास्तुकला और अभियांत्रिकी विशेषज्ञ यहाँ प्रत्यक्ष अध्ययन के लिए आ रहे हैं। महा-मेट्रो और नागपुर को ऐसे डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने में पायनियर बताया गया है, ऐसा प्रबंध निदेशक श्रवण हार्डीकर ने कहा।
कार्यक्रम में भारत का सबसे लंबा डबल डेकर मेट्रो वायाडक्ट निर्माण पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। इस फ्लाईओवर पर गड्डीगोडाम, कडबी चौक, इंदोरा चौक, नारी रोड और ऑटोमोटिव चौक – कुल पाँच मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। यह चार स्तरों पर आधारित है – भूतल पर पहले से मौजूद राजमार्ग, पहले स्तर पर राजमार्ग यातायात और दूसरे स्तर पर मेट्रो। इससे कामठी मार्ग पर होने वाली भारी ट्रैफिक समस्या से नागरिकों को राहत मिली है। इससे पहले छत्रपति चौक फ्लाईओवर को भी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था।
इस अवसर पर महा-मेट्रो के निदेशक अनिलकुमार कोकाटे, परियोजना निदेशक राजीव त्यागी, कार्यकारी निदेशक नरेश गुर्बानी, महाप्रबंधक यतीन राठौड़, मुख्य परियोजना प्रबंधक एन. वी. पी. विद्यसागर, परियोजना निदेशक प्रकाश मुदलियार सहित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


