मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक और उससे जुड़े ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म स्काईएक्सचेंज, लोटस 365, रेड्डी अण्णा और फेयरप्ले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्मों के संचालकों ने पिछले सात वर्षों में करीब ₹43,400 करोड़ की अवैध कमाई की है। ईडी के अनुसार, यह देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेटों में से एक है, जो फ्रेंचाइजी नेटवर्क के जरिए पूरे देश में संचालित किया जा रहा था।


ईडी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक का नेटवर्क हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की आय अर्जित करता था। जांच में सामने आया है कि इस अवैध कमाई को शेल कंपनियों, फर्जी लेनदेन और जटिल वित्तीय लेयरिंग के जरिए वैध आय के रूप में दिखाया जाता था, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।
जांच एजेंसी ने बताया कि 5 जून को दिल्ली के उद्योगपति विकास गर्ग से जुड़ी करीब ₹940 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को जब्त किया गया था। इन संपत्तियों में आलीशान मकान, जमीन, शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। ईडी का आरोप है कि इन संपत्तियों की खरीद स्काईएक्सचेंज से कथित रूप से डायवर्ट किए गए धन से की गई थी।
तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि दुबई से संचालित महादेव ऑनलाइन बुक देशभर में एक साथ 2,000 से अधिक सक्रिय बेटिंग प्लेटफॉर्म चला रहा था। ईडी के अनुसार, प्रत्येक प्लेटफॉर्म से हर महीने ₹30 से ₹40 लाख का शुद्ध लाभ होता था, जिसमें से 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा मुख्य नेटवर्क तक पहुंचता था।
ईडी ने अपनी जांच में दावा किया है कि महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का संबंध स्काईएक्सचेंज से भी था। जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में दोनों के पास स्काईएक्सचेंज के ‘एडमिन आईडी’ मिलने का दावा किया गया है। इससे जांच एजेंसी का संदेह और मजबूत हुआ है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज एक ही नेटवर्क के जरिए संचालित किए जा रहे थे।
ईडी का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


