महायुति सरकार की किसान कर्जमाफी योजना महज दिखावा; 50 प्रतिशत से अधिक किसान लाभ से वंचित रहेंगे : हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा महायुति सरकार द्वारा घोषित कर्जमाफी योजना केवल एक दिखावा है। इस योजना में शब्दों का खेल करते हुए अनेक नियम, शर्तें और पात्रता की बाधाएं लगाई गई हैं, जिससे राज्य के 50 प्रतिशत से अधिक किसानों को जानबूझकर योजना से बाहर रखा गया है। यह किसानों के साथ एक क्रूर मजाक है। सरकार को राज्य के सभी किसानों का 7/12 रिकॉर्ड कर्जमुक्त करना चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।

किसान कर्जमाफी पर बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा महायुति सरकार की यह कर्जमाफी केवल उन किसानों के लिए लागू की गई है, जिन्हें 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच ऋण वितरित किया गया था और जो ऋण अब बकाया हो चुका है। अनेक किसानों ने इससे पहले ऋण लिया था और उनके पुराने ऋण बकाया होने के कारण उन्हें नया फसल ऋण नहीं मिल पा रहा है। ऐसे सभी किसान इस योजना से वंचित रह गए हैं। एक अनुमान के अनुसार, ऐसे किसानों की संख्या कर्जमाफी का लाभ पाने वाले किसानों की संख्या से भी दोगुनी है। इसलिए सभी बकायादार किसानों को इस कर्जमाफी का लाभ दिया जाना चाहिए।महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा लागू की गई ‘महात्मा ज्योतिबा फुले शेतकरी सन्मान योजना’ के अंतर्गत पहले लाभ प्राप्त कर चुके किसानों का वर्तमान बकाया ऋण पूरी तरह माफ नहीं किया जाएगा। उन्हें केवल 50 हजार रुपये का लाभ मिलेगा।

फडणवीस सरकार की यह योजना केवल फसल ऋण और पुनर्गठित ऋण तक सीमित है। अनेक किसानों ने कुएं, पाइपलाइन तथा गाय-भैंस खरीदने के लिए ऋण लिया था, जो अभी भी बकाया है। ऐसे सभी किसान भी इस योजना से बाहर रहेंगे। यह किसानों के साथ अन्याय और क्रूर मजाक है।जो किसान नियमित रूप से अपना ऋण चुकाते रहे हैं, उन्हें भी सरकार ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। नियमित ऋण चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए 2022-23, 2023-24 और 2024-25 इन तीन वर्षों में से किसी भी दो वर्षों में फसल ऋण लेकर समय पर उसका भुगतान करना आवश्यक है। इसके अलावा 2025-26 और 2026-27 में लिए गए फसल ऋण का भी समय पर भुगतान करना अनिवार्य है। तभी ऐसे किसानों को मात्र 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यह राशि भी अत्यंत तुच्छ है, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है और किसानों को कर्जमाफी देने का ढिंढोरा पीट रही है। वास्तविकता यह है कि अधिक से अधिक किसानों को कर्जमाफी से वंचित रखना ही महायुति सरकार का उद्देश्य है। इससे पहले भी फडणवीस सरकार ने व्यापक प्रचार के साथ लागू की गई कर्जमाफी योजना में अनेक नियम लगाकर लाखों किसानों को लाभ से वंचित रखा था।

जैसे ‘लाडकी बहिन’ योजना में पात्रता के नाम पर 80 लाख महिलाओं को लाभ से वंचित कर दिया गया, उसी प्रकार अब राज्य के किसानों को भी नियमों और शर्तों की कैंची में फंसाकर लाखों किसानों को कर्जमाफी से बाहर रखा गया है, ऐसा भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

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