मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

पूर्व राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उनका कार्यकाल दो वर्षों का होगा।1990 बैच के आईपीएस अधिकारी दाते, मौजूदा डीजीपी रश्मि शुक्ला की जगह लेंगे, जो 3 जनवरी को पद छोड़ रही हैं।


गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दाते की नियुक्ति सेवानिवृत्ति तिथि से परे दो साल के लिए होगी। वह दिसंबर 2026 में 60 वर्ष के होंगे।मार्च 2024 तक दाते महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के प्रमुख थे, जिसके बाद वे नई दिल्ली जाकर NIA के प्रमुख बने। राज्य सरकार के अनुरोध पर उन्हें दो सप्ताह पहले महाराष्ट्र वापस भेजा गया, ताकि उन्हें डीजीपी नियुक्त किया जा सके।


पिछले सप्ताह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने डीजीपी पद के लिए तीन अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी, जिनमें दाते के अलावा संजय वर्मा (डीजी–कानूनी एवं तकनीकी) और रितेश कुमार (कमांडेंट जनरल, होम गार्ड्स) शामिल थे।
■ कौन हैं सदानंद वसंत दाते
सदानंद दाते को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान अदम्य साहस के लिए जाना जाता है। उन्हें राष्ट्रपति पदक (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया है।26 नवंबर 2008 को, जब वे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य क्षेत्र) के पद पर थे, तब उन्होंने कामा एवं अल्ब्लेस अस्पताल में बंधक बनाए गए लिफ्ट ऑपरेटर चंद्रकांत टिक्के को आतंकियों अजमल कसाब और अबू इस्माइल से बचाया। आतंकियों ने टिक्के को मानव ढाल बनाया हुआ था।आतंकियों की भारी गोलीबारी और ग्रेनेड हमलों के बीच दाते और उनकी टीम ने साहसिक कार्रवाई कर बंधक को सुरक्षित निकाला।
इस दौरान दाते ग्रेनेड विस्फोट में घायल हुए—आंखों, गले, छाती, दाहिने घुटने और बाएं टखने में गंभीर चोटें आईं। उनके साथियों में से दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि आतंकी वहां से भाग निकले।इसके करीब 15 मिनट बाद, कसाब और अबू इस्माइल ने पास की गली में तत्कालीन ATS प्रमुख हेमंत करकरे, विजय सालस्कर और अशोक कामटे की हत्या कर दी।
सदानंद दाते की नियुक्ति को राज्य में कानून-व्यवस्था और आतंकवाद-रोधी प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



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