महाराष्ट्र को वैश्विक आभूषण उत्पादन और निर्यात का केंद्र बनाएगा ‘इंडिया ज्वेलरी पार्क’: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस।

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■ महापे में परियोजना का शुभारंभ, 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश और एक लाख प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद।

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र को वैश्विक आभूषण उत्पादन, व्यापार और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ‘इंडिया ज्वेलरी पार्क, मुंबई’ परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीक, कुशल कारीगरों, उद्यमिता और अनुकूल औद्योगिक वातावरण के दम पर महाराष्ट्र अंतरराष्ट्रीय आभूषण उद्योग में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। नवी मुंबई के महापे स्थित टीटीसी औद्योगिक क्षेत्र में इस परियोजना का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, वन मंत्री गणेश नाईक, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र कुशवाहा, रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष किरीट भंसाली, उपाध्यक्ष शौनक पारिख सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र अपनी व्यावसायिक क्षमता, कुशल मानव संसाधन, अनुभवी व्यापारिक नेटवर्क और उद्यमशीलता की परंपरा के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। रत्न एवं आभूषण उद्योग के विकास के लिए आवश्यक कुशल कारीगर और अनुकूल औद्योगिक वातावरण महाराष्ट्र की प्रमुख ताकत हैं। इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से इन क्षमताओं का उपयोग कर राज्य को वैश्विक आभूषण उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में होने वाले बदलावों के कारण उद्योगों के सामने नई चुनौतियां और अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में कारोबारियों को बदलते बाजार की जरूरतों को समझना, आधुनिक तकनीक अपनाना, उत्पादों में नवाचार करना और निर्यात के नए अवसर तलाशना जरूरी है।

इंडिया ज्वेलरी पार्क उद्योग को इन बदलावों का सामना करने के लिए आधुनिक मंच उपलब्ध कराएगा।22 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा अत्याधुनिक आभूषण निर्माण केंद्रमहापे में 22 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक आभूषण निर्माण केंद्र विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में रत्न एवं आभूषण उद्योग के दीर्घकालीन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बिजली, पानी, सड़क, पूंजी, बुनियादी सुविधाएं और विभिन्न विभागों से आवश्यक मंजूरियां समय पर मिलना भी जरूरी है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। राज्य सरकार परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय तथा साझेदारी आवश्यक है।फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में विनिर्माण, निर्यात, रोजगार सृजन और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत के पांच लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ने के साथ महाराष्ट्र भी एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का प्रयास कर रहा है। इंडिया ज्वेलरी पार्क जैसी परियोजनाएं इस आर्थिक यात्रा को मजबूती प्रदान करेंगी।

■ 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश और एक लाख रोजगार का लक्ष्य

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इंडिया ज्वेलरी पार्क परियोजना से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और एक लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। महापे में 22 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह अत्याधुनिक केंद्र महाराष्ट्र को रत्न एवं आभूषण उत्पादन, व्यापार और निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।उन्होंने कहा कि मुंबई का झवेरी बाजार लंबे समय से रत्न एवं आभूषण व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित भारत डायमंड बोर्स और एसईईपीजेड जैसे केंद्रों ने भी मुंबई को अंतरराष्ट्रीय हीरा कारोबार और आभूषण निर्यात में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।

शिंदे के अनुसार, देश के कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात में महाराष्ट्र, विशेष रूप से मुंबई, की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इस उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की रत्न एवं आभूषण नीति के तहत एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने, पांच लाख रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य के रत्न एवं आभूषण निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इंडिया ज्वेलरी पार्क में दो हजार से अधिक विनिर्माण इकाइयों को जगह उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित करने की योजना है। परियोजना के लिए बिजली, पानी, सड़क, अन्य बुनियादी सुविधाओं और विभागीय मंजूरियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। कामगारों के रहने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी।नवी मुंबई का वैश्विक महत्व बढ़ेगा: गणेश नाईकवन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि औद्योगिकीकरण से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां सही दिशा में काम कर रही हैं। नवी मुंबई भविष्य में डेटा सेंटर केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगी। इसके साथ ही इंडिया ज्वेलरी पार्क के विकास से शहर का अंतरराष्ट्रीय महत्व और बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सूखे और बढ़ती गर्मी जैसी चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार किसानों, कामगारों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को बेहतर एवं टिकाऊ जीवन के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।कार्यक्रम में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने परियोजना की पृष्ठभूमि और उद्योग के विकास में इसकी भूमिका की जानकारी दी।इंडिया ज्वेलरी पार्क से महाराष्ट्र में निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे मुंबई और नवी मुंबई के औद्योगिक महत्व में वृद्धि के साथ राज्य को वैश्विक रत्न एवं आभूषण आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

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