मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में केंद्र सरकार से देश में दवा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई योजनाओं, मंजूर परियोजनाओं, निवेश और रोजगार सृजन का विवरण मांगा। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र में फार्मास्युटिकल क्षेत्र को मिले लाभ और अकोला जिले के उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को मिली सहायता की जानकारी भी मांगी।


गायकवाड़ ने केंद्र से पूछा कि आयातित एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs) पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने कौन-कौन सी योजनाएं लागू की हैं और महाराष्ट्र को इन योजनाओं में पर्याप्त हिस्सेदारी मिली है या नहीं। उन्होंने फार्मास्युटिकल पार्क, बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने की सरकार की योजना तथा अकोला के उद्यमियों को मिली आर्थिक सहायता और मंजूरियों का भी ब्योरा मांगा।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने जवाब में बताया कि देश में की स्टार्टिंग मैटेरियल्स (KSMs), ड्रग इंटरमीडिएट्स (DIs) और APIs के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य आयात पर अत्यधिक निर्भरता के कारण उत्पन्न आपूर्ति बाधाओं के जोखिम को कम करना और आवश्यक दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले APIs की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत 33 APIs के उत्पादन के लिए 48 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं में कुल 5,070.45 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जबकि इनके लिए प्रतिबद्ध निवेश 4,329.95 करोड़ रुपये था।
वहीं, बल्क ड्रग पार्क को बढ़ावा देने की योजना के तहत गुजरात के भरूच, आंध्र प्रदेश के नक्कापल्ली और हिमाचल प्रदेश के ऊना में तीन बल्क ड्रग पार्कों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इनमें महाराष्ट्र के अकोला जिले का कोई आवेदक शामिल नहीं है।
महाराष्ट्र में 14 आवेदकों की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं में 9,874.08 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और इनसे 21,254 रोजगार सृजित हुए हैं। सरकार के इस आंकड़े से महाराष्ट्र में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में हुए निवेश और रोजगार की स्थिति स्पष्ट होती है।


