मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में बारिश की कमी के कारण किसानों की स्थिति बेहद खराब होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महायुति सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।


नई दिल्ली स्थित नवीन महाराष्ट्र सदन में मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र में खरीफ सबसे महत्वपूर्ण कृषि मौसम है, लेकिन बारिश के दगा देने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बुवाई में देरी हुई और पिछले करीब एक महीने से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने जो बोया, वह कई जगह उगा नहीं और जो उगा, वह पानी के अभाव में सूख गया।
सपकाल ने आरोप लगाया कि बारिश रुकने के बाद सरकार को कृत्रिम बारिश कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन इस दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पानी उपलब्ध है, वहां भी बिजली की समस्या के कारण किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने सरकार से संभावित जल संकट को देखते हुए तत्काल योजना बनाने, पशुओं के लिए चारा और पीने के पानी की व्यवस्था करने तथा किसानों को केंद्र सरकार के निर्धारित मानदंडों के अनुसार आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संकट की स्थिति में किसी किसान की जान न जाए।
■ MPSC की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सपकाल ने कहा कि राज्य के लाखों विद्यार्थी सरकारी अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। पुणे में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी MPSC की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आयोग की कथित लापरवाही और अव्यवस्था से विद्यार्थियों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। औषधि निरीक्षक परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बाद अब ग्रुप-सी परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले लीक होने की बात सामने आई, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। सपकाल ने कहा कि पेपर लीक का मामला संगठित तरीके से हो रहा है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है। सपकाल ने आरोप लगाया कि पिछले कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने करीबी व्यक्ति को MPSC का अध्यक्ष बनाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
■ पार्थ पवार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग
पुणे के कथित जमीन घोटाले को लेकर भी सपकाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद पार्थ पवार के खिलाफ अब तक मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया। सपकाल ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ही सामने लाया था और अब न्यायालय ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं, इसलिए मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।
सपकाल ने आरोप लगाया कि इस जमीन घोटाले के मुख्य सूत्रधार पार्थ पवार हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महायुति सरकार पर प्राथमिकताएं गलत तय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुंभ मेले में सीसीटीवी व्यवस्था पर 300 करोड़ रुपये खर्च करने वाली सरकार किसानों के संकट पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।


