महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा ओवम (Egg) तस्करी का मामला: अबू आसिम आजमी ने अवैध IVF सेंटरों पर उठाए सवाल।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने राज्य में चल रहे अवैध ओवम (महिला एग) तस्करी और गैर-कानूनी IVF (In Vitro Fertilization) सेंटरों का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

■ गरीब महिलाओं की लाचारी का फायदा:

अबू आसिम आजमीअबू आसिम आजमी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बदलापुर और अंबरनाथ में गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके ओवम (Egg) निकालने और बेचने का एक बड़ा रैकेट सामने आया है।

■ लालच और कालाबाजारी:

गरीब महिलाओं को ₹18,000 से ₹25,000 की मामूली रकम का लालच दिया जाता था, जबकि उनके एग्स को लाखों रुपये में आगे बेचा जा रहा था।

■ अवैध IVF सेंटर:

इस रैकेट में नासिक का माल्ती IVF सेंटर शामिल पाया गया। इसके बाद जब राज्यव्यापी जांच हुई, तो चंद्रपुर के ‘बेबी श्योर’ (Baby Sure) और ‘इन्दिरा आईवीएफ’ (Indira IVF) जैसे सेंटरों में बिना सरकारी लाइसेंस के काम शुरू करने जैसी बड़ी कमियां और उल्लंघन पाए गए।

■ कानून का उल्लंघन:

आजमी ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के काम शुरू करना असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) एक्ट 2021 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने सवाल किया कि 23 मार्च 2026 को छापेमारी में कमियां मिलने के बावजूद इन सेंटरों को पूरी तरह सील क्यों नहीं किया गया और सिर्फ नोटिस देकर ढील क्यों बरती गई?उन्होंने पीड़ित महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस रैकेट में शामिल मुख्य सरगनाओं व डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की।

■ सरकार का जवाब:

उड़न दस्ते (Flying Squad) करेंगे निगरानीसपा विधायक के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आनंदराव आविटकर ने सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का ब्यौरा दिया।

■ डॉक्टरों पर कार्रवाई:

मंत्री ने बताया कि अंबरनाथ और बदलापुर मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस मामले से जुड़े डॉ. अमोल पाटिल और उनकी पूरी टीम के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और वे पिछले दो-तीन महीनों से कार्रवाई के दायरे में हैं।

■ चंद्रपुर मामले पर स्पष्टीकरण:

चंद्रपुर के आईवीएफ सेंटरों पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मान्यता मिलने से पहले सिर्फ विज्ञापन (जाहिरात) दिया था, सीधे तौर पर काम शुरू नहीं किया था। शिकायत मिलने के बाद सरकार ने तुरंत उनका काम रुकवा दिया है और उन्हें लीगल नोटिस जारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की है।

■ राज्यव्यापी विशेष सेल का गठन:

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पूरे महाराष्ट्र में आईवीएफ सेंटरों और PCPNDT एक्ट के तहत आने वाले अस्पतालों की सख्त निगरानी के लिए पुणे से संचालित होने वाले एक विशेष उड़न दस्ते (Flying Squad) और सेल का गठन किया गया है, जो राज्यभर में औचक निरीक्षण और कड़ी मॉनिटरिंग करेगा।

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