■ २५ साल में ५ काम बताए मराठी आदमी के लिए – उबाठा पर साधा निशाना .
■ एमआईएम के साथ शिवसेना कभी नहीं करेगी गठबंधन – आरोप लगाने वाले एमआईएम के साथ है.
मुंबई वार्ता संवाददाता

शिवसेना प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने उबाठा गुट के सांसद संजय राऊत पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा संजय राउत पहले इस बात का खुलासा करे कि २०१९ के विधानसभा चुनाव में जब शिवसेना-बीजेपी को स्पष्ट जनादेश मिला था, तब उस गठबंधन को तोड़कर कांग्रेस-राष्ट्रवादी के साथ सत्ता में बैठने के लिए कितनी दलाली ली गई थी, इसका जवाब राऊत को देना चाहिए।


मुंबई के बालासाहेब भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए महाजन ने कहा कि जो लोग आज शिवसेना पर खोके का आरोप लगाते हैं, उन्हें पैसों के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल किया कि २०१७ की मुंबई महापालिका चुनाव के बाद मनसे के ७ में से ६ नगरसेवकों को कितने पैसों में तोड़ा गया और वह पैसा किस गुजराती ठेकेदार से लिया गया था।


महाजन ने कहा कि संजय राऊत २५ साल से सांसद हैं, लेकिन उन्होंने मराठी लोगों के लिए किए गए कम से कम पांच काम भी जनता के सामने नहीं रख सकते है , उन्होंने आरोप लगाया कि राऊत सांसद के रूप में दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में दलाली करने का काम करते हैं। महाजन ने यह भी सवाल उठाया कि राऊत की कॉलर पकड़ने वाली महिला कौन थी? इसका खुलासा करें।
महाजन ने कहा कि उबाठा मुख्यमंत्री बनने के लिए पदयात्रा करने वाले दिवंगत कार्यकर्ता चिंतामण रुईकर के परिवार से मिलने तक नहीं गए, लेकिन उसी परिवार के लिए घर बनाने का काम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शिंदे को देना आता है और ठाकरे को लेना आता है।
महाजन ने कहा कि महायुति सरकार में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और तीनों नेता मजबूती से सरकार चला रहे हैं। पिछले ३० वर्षों से ठाकरे परिवार मुंबई टूटने का मुद्दा लेकर राजनीति करते आ रहा है। राज ठाकरे खुद गुजरात की प्रगति देखने गए थे। उन्होंने कहा कि मुंबई और मराठी लोगों से प्रेम नहीं, बल्कि यह चुनाव उनके अस्तित्व का चुनाव है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद मुंबई में साधारण एसटीपी प्लांट तक नहीं बना सके। अब सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि सत्ता मिलने पर शिवसेना भवन ही मॉल बन जाए।
परली में शिवसेना और एमआईएम के गठबंधन को लेकर चल रही खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की एमआईएम के साथ शिवसेना का कोई गठबंधन नहीं है परली में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस की युति थी और सत्ता के लिए उन्होंने गुट बनाया है , अंबादास दानवे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा की अंबादास दानवे एमआईएम के वोटों पर ही जीत कर विधान परिषद जाते है ऐसा आरोप लगाया।


