■ दाऊद इब्राहिम गैंग के नाम पर धमकी देकर इमारत का 50 प्रतिशत हिस्सा हथियाने का आरोप; सलीम फ्रूट की पत्नी के नाम पर किया गया था संपत्ति का हस्तांतरण।
मुंबई वार्ता संवाददाता

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के साढु मोहम्मद सलीम इकबाल कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में स्थित लॅम्बट इमारत को जब्त कर लिया है। इसके अलावा बिल्डर असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य आरोपियों के बैंक खातों में जमा रकम भी जब्त की गई है।


ईडी अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई अचल और चल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 4 करोड़ रुपये है।ईडी की जांच के मुताबिक, सलीम फ्रूट पर दाऊद इब्राहिम गिरोह के नाम पर धमकियां देकर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे डोंगरी की एक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस संपत्ति को बाद में सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी के नाम पर हस्तांतरित कर दिया गया था।
ईडी के आरोपों के अनुसार, बिल्डर असलम पटनी ने वर्ष 2019 में यास्मिन मोहम्मद अहमद और दिवंगत शेरजादा जुंगरेज खान के स्वामित्व वाली डोंगरी की लॅम्बट इमारत में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। आरोप है कि यह हिस्सा दाऊद इब्राहिम और सलीम फ्रूट के नाम पर धमकियां देकर लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में मूल मालिकों को उनकी संपत्ति के हिस्से के बदले कोई रकम नहीं दी गई और उन्हें उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया।
जांच में सामने आया है कि इसके बाद असलम पटनी ने इमारत को सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया के नाम पर हस्तांतरित कर दिया। ईडी को संदेह है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल की गई संपत्ति को वैध लेन-देन का रूप देने के लिए कई चरणों में वित्तीय और कानूनी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।इस मामले में ईडी ने शब्बीर अहमद हसन करोलिया और यूसुफ अहमद हसन करोलिया पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों ने मूल संपत्ति मालिक की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए उसकी जगह खुद को पेश किया और संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची। इसके लिए संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों सहित कथित तौर पर फर्जी कागजात तैयार किए गए। बाद में इसी संपत्ति को सलीम फ्रूट की पत्नी के नाम पर हस्तांतरित कर दिया गया।
■ मुंबई पुलिस में दर्ज मामले से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की जांच मुंबई पुलिस में दर्ज एक आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले एक कारोबारी ने शिकायत की थी कि उसके पिता की संपत्ति पर उसके रिश्तेदारों ने सलीम फ्रूट की मदद से अवैध कब्जा कर लिया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की।
ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित अवैध तरीके से हासिल की गई संपत्ति के पीछे धन का वास्तविक स्रोत क्या था और इस पूरे लेन-देन में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।ईडी की इस कार्रवाई के बाद मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े कथित संपत्ति कारोबार, जबरन वसूली और बेनामी संपत्तियों का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


